बसपा की ’एक्सप्रेस-वे परियोजना’ का स्वरूप बदलकर सपा ने बताया अपना: मायावती

बसपा की ’एक्सप्रेस-वे परियोजना’ का स्वरूप बदलकर सपा ने बताया अपना: मायावतीमायावती (फोटो साभार: गूगल)

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा की तरह ही सपा द्वारा भी केवल विकास-विकास का राग अलापते रहने से और उसके बारे में अधकच्ची व हवा-हवाई जानकारी देते रहने से अब आमजनता गुमराह होने वाली नहीं है। यह बात सोमवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने बयान में कही।

मगर सपा ने स्वयं के लिए बना लिया

साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश के 14 जि़लों को जोड़ने वाली 'एक्सप्रेस-वे परियोजना’ बीएसपी सरकार के समय में ही उत्तर प्रदेश के विकास को ध्यान में रखकर बनायी गई थी। इसका सरकारी गज़ट नोटिफिकेशन दिनांक 20 अप्रैल सन 2008 में हो गया था, जिसके तहत 14 जिलों को जोड़ते हुए यह परियोजना उत्तर प्रदेश के विकास को ध्यान में रखकर बसपा सरकार द्वारा मंजूर की गई थी, परन्तु सपा सरकार ने इस परियोजना का स्वरूप और नाम बदलकर कन्नौज-सैफई जाने के लिए स्वयं के लिए बना लिया है।

विकास के दावे खोखले

उन्होंने आगे कहा कि साथ ही, क़ानून-व्यवस्था के मामले में घोर विफलता के साथ-साथ विकास के मामले में भी काफी पीछे रहने वाली प्रदेश की सपा सरकार, जो भी विकास के दावे कर रही है वह अधिकांश खोखले व कागजी तथा जनता को वरगलाने वाले हैं।

मगर आम चुनाव के दौरान नहीं हो सका था उद्घाटन

मायावती ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं और खासकर ग्रेटर नोएडा से बलिया तक की अत्यन्त ही महत्वाकांक्षी ’’गंगा एक्सप्रेस-वे’’ योजना के माध्यम से भी उत्तर प्रदेश के समग्र व समस्त ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की योजना बीएसपी सरकार के समय से धरातल पर उतरनी शुरू हो गयी थी और नोएडा से आगरा के बीच यमुना एक्सप्रेस-वे योजना तो सन 2012 में ही बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन आमचुनाव के समय में इसका उद्घाटन नहीं हो सका था।

सिर्फ नाम बदलकर चलाई योजना

अब वर्तमान सपा सरकार ऐसी उन तमाम योजनाओं को ही आगे बढ़ाकर अपनी वाह-वाही लूटने का दावा कर रही है। इसी प्रकार बसपा की कई अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को जैसे कि कन्या धन, पेंशन योजना आदि भी सपा सरकार सिर्फ नाम बदलकर चला रही है। ठीक उसी प्रकार जैसे कि गोमती नगर में बसपा सरकार द्वारा बनाये गये डा. भीमराव अम्बेडकर उद्यान का नाम बदलकर जनेश्वर मिश्रा पार्क कर दिया गया है।

अभी एक्सप्रेस-वे का काम अधूरा

मायावती ने संसद परिसर में सोमवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि एक्सप्रेस-वे का काम अभी काफी आधा-अधूरा है और इस पर अभी काम चल ही रहा है, फिर भी उसका उद्घाटन करने की जल्दी सपा सरकार के मुखिया को है। हालांकि इसी आधे-अधूरेपन के कारण वहां दुर्घटनायें भी हो रही हैं और राज्य सरकार का एक वरिष्ठ अधिकारी भी इसका शिकार होकर घायल है, फिर भी सपा सरकार का मुखिया अपने नाम का पत्थर लगवाने के लिये काफी बेचैन है कि कहीं ’विधानसभा आमचुनाव की घोषणा हो जाये और फिर उनको उद्घाटन करने का मौका नही मिल पायेगा और उसके नाम का पत्थर भी नहीं लग पायेगा।

सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की ओछी राजनीति

उन्होंने कहा कि सपा को पता है कि उसकी सरकार वापस लौटने वाली नहीं है इसीलिये आधी-अधूरी परियोजनाओं का भी उद्घाटन करने व बिना बजटीय प्रावधान वाली योजनाओं का शिलान्यास व घोषणाएं करने की आपाधापी मची हुयी है। इस प्रकार केवल अपने नाम का पत्थर लगवाने की और विधानसभा आमचुनाव से पूर्व सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की ओछी राजनीति करने में वर्तमान सरकार का मुखिया व्यस्त है, लेकिन प्रदेश की आम जनता को इन बातों से वरगलाया नहीं जा सकता है।

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