सपा विधायक दल के नेता को लेकर सपा में फिर खींचतान

सपा विधायक दल के नेता को लेकर सपा में फिर खींचतानशिवपाल यादव जहां इस पद के लिए ताल ठोंक रहे हैं, वहीं उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने के लिए अखिलेश यादव खेमे ने आजम खान का नाम आगे बढ़ाया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्ता गंवा चुकी समाजवादी पार्टी में अब विधायक दल के नेता पद को लेकर भी पार्टी में खींचतान तेज हो गई है। मोदी लहर में इटावा की जसवंत नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर शिवपाल यादव जहां इस पद के लिए ताल ठोंक रहे हैं, वहीं उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने के लिए अखिलेश यादव खेमे ने आजम खान का नाम आगे बढ़ाया है।

समाजवादी पार्टी विधायक दल की गुरुवार को होने वाली बैठक में इस बात को लेकर भी अटकलें लग रही हैं क्या इस बैठक में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव शामिल होंगे।अखिलेश यादव की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। चुनाव के पहले अखिलेश यादव और शिवपाल यादव खेमे के बीच मचे घमासान और प्रदेश अध्यक्ष के पद से शिवपाल यादव की छुट्टी को लेकर चाचा भतीजे के के रिश्ते में आई खटास अभी कम नहीं हुई है। विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस की हार से जहां शिवपाल यादव अखिलेश यादव पर हमलवार हैं वहीं सपा की हार से अखिलेश यादव अभी बैकफुट पर हैं। शिवपाल यादव का खेमा जहां समाजवादी पार्टी विधानमंडल दल के नेता के रूप में शिवपाल यादव का नाम आगे बढ़ा रहा है वहीं अखिलेश यादव खेमा भी इस मुद्दे पर कोई भी रिस्क लेने को तैयार नहीं है। इस पद के लिए अखिलेश यादव, आजम खान का नाम आगे बढ़ा रहे हैं लेकिन अगर इन नाम पर कोई अड़चन आई तो अखिलेश अपने करीबी रामगोविंद चौधरी का नाम आगे कर सकते हैं।

अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे रामगोविंद चौधरी अखिलेश यादव के काफी विश्वासपात्र हैं और आठवी बार विधायक चुने गए हैं। पहली बार 1977 में विधायक चुने गए रामगोविंद चौधरी सपा से चुनाव जीते सभी 47 विधायकों में सबसे वरिष्ठ हैं। 1980 में विधायक बने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान भी इस बार नौवीं बार विधायक बने हैं। इसके अलावा वह लोकसभा और राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं। मुलायम सिंह से लेकर अखिलेश सरकार तक में उन्होंने बड़े मंत्रालय का जिम्मा संभाला है।

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