बस 15 दिन बाद यूपी में सियासी धूमधड़ाके का आगाज

बस 15 दिन बाद यूपी में सियासी धूमधड़ाके का आगाजप्रतीकात्मक फोटो। (साभार:गूगल)

लखनऊ। राज्य में चुनाव आचार संहिता 25 से 30 दिसंबर के बीच लागू होगी। जिसके बाद में कोई भी विकास कार्य का लोकार्पण शिलान्यास नहीं किया जा सकेगा। मगर अब तक राज्य में चुनाव की तैयारियों को लेकर अनेक काम अधूरे हैं। हजारों मतदान केंद्रों का अब तक विद्युतीकरण नहीं किया जा सका है। अब तक पुलिस को दिये गये निर्देशों के मुताबिक सालों सेज मे अफसरों का तबादला भी नहीं किया गया है। ऐसे ही अनेक काम अब तक रुके हुए हैं।

इस बीच घोषित किये जा सकते हैं चुनाव कार्यक्रम

चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड को सख्त ताकीद की है कि वे तब तक परीक्षाओं का कार्यक्रम को घोषित न करें, जब तक आयोग उनको स्वीकृति न दे दे। जबकि इससे पहले बोर्ड ने परीक्षा कार्यक्रम फरवरी के लिए घोषित कर दिया था। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि चुनाव अब बोर्ड परीक्षा के बाद ही होंगे। मगर अब तय है कि चुनाव फरवरी मार्च में ही होंगे। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि 25 से लेकर 30 दिसंबर के बीच में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव कार्यक्रम घोषित किये जा सकते हैं। जिसके साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी। जनवरी, फरवरी आखिर तक पांच से छह चरणों में चुनाव होंगे। जबकि मार्च के दूसरे सप्ताह तक विधानसभा का गठन हो जाएगा।

38 हजार मतदान केंद्र में बिजली नहीं

चुनाव आयोग ने प्रदेश सरकार को इस बात पर सख्त ताकीद की है कि उप्र में करीब 40 फीसदी मतदान केंद्रों में बिजली ही नहीं है। जिनकी संख्या लगभग 38 हजार के करीब है। प्रदेश में करीब 98 हजार पोलिंग स्टेशन हैं। इतनी बड़ी संख्या में बिना बिजली वाले मतदान केंद्रों के जरिये मतदान की प्रक्रिया न केवल प्रभावित होने, बल्कि बाधित होने की भी आशंका बनी हुई है। राज्य में विधानसभा चुनाव होने में छह महीने से भी कम का समय बाकी है। इस संबंध में राज्य पॉवर कारपोरेशन ने योजना बनाना शुरू कर दी है। जिसके तहत राज्य भर में करीब 60 करोड़ रुपये खर्च कर के मतदान केंद्रों का विद्युतीकरण करवाया जाएगा।

क्या बोले मुख्य सचिव

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को बताया गया है कि 60 करोड़ रुपये हम इसके लिए खर्च कर रहे हैं। चुनाव से पहले शत प्रतिशत पोलिंग स्टेशनों का विद्युतीकरण कर दिया जाएगा। जिसको लेकर पॉवर कॉरपोरेशन को निर्देशित कर दिया गया है। कई जगह काम शुरू भी हो गया है।

आयोग के निर्देश पर ही होंगे बोर्ड एग्जाम

निर्वाचन आयोग ने उप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी वेंकटेश एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा अमरनाथ वर्मा से शुक्रवार को भेंट के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिये हैं कि वह बोर्ड परीक्षा की तिथियॉ आयोग के परामर्श के बाद घोषित करें। आयोग के निर्देश को स्वीकार करते हुए वर्मा ने कहा कि वे अनुपालन करें। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को भी देश के उन पांच राज्यों को जहां विधानसभा निर्वाचन होने हैं, इस संबंध में निर्देश दिये थे कि बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां आयोग के परामर्श से घोषित की जाएगी।

सैकड़ों पुलिस अफसर मानकों के विपरीत तैनात

चुनाव आयोग का निर्देश है कि मानकों के विपरीत जो अफसर तैनात हैं, उनको हटाया जाये। तीन साल से एक ही जिले में तैनात या फिर ऐसे थाने जहां इंस्पेक्टर की जगह छोटी पोस्ट का एसआई तैनात हैं, उनको हटाया जाये। मगर अभी चुनाव आयोग के इस फैसले का 50 फीसदी पालन ही किया गया।

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