मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव मार्च में बनाएंगे अलग पार्टी 

मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव मार्च में बनाएंगे  अलग पार्टी समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव।

लखनऊ /इटावा (भाषा)। समाजवादी पार्टी में सत्ता परिवर्तन के बाद हाशिये पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव आगामी 11 मार्च के बाद अपनी नई पार्टी बनाएंगे।जिसमें वे समाजवादी पार्टी छोड़कर गए या निकाले गए नेताओं को उस दल में शामिल करेंगे।

शिवपाल ने जसवन्तनगर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद नुमाइश पंडाल में आयोजित जनसभा में एलान किया कि वह 11 मार्च के बाद नई पार्टी बनाएंगे। इसी तारीख को विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आएंगे।

उन्होंने सपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा ‘‘आप (अखिलेश) देख लेना कि 11 मार्च के बाद आप सरकार बना लो। हम 11 मार्च के बाद पार्टी बनाएंगे। हम पांच साल से मेहनत कर रहे हैं, आखिर हम कहां जाएं।''

सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा निकाले गए या बागी हुए उन समाजवादी नेताओं के पक्ष में प्रचार करेंगे, जो चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग किन्हीं कारणवश सपा से अलग हो गए हैं, उन्हें अपनी नई पार्टी में शामिल करेंगे।

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव द्वारा सपा-कांग्रेस गठबंधन का विरोध करते हुए सपा नेताओं से कांग्रेस की सीटों पर चुनाव लड़ने के आह्वान के बाद शिवपाल का नया एेलान अखिलेश के लिए चुनावी गणित के लिहाज से मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

मैं हमेशा नेताजी के साथ रहूंगा लेकिन उनका अपमान बिल्कुल नहीं सहूंगा। मुझे अपने अच्छे कामों की सजा मिली है, जिन लोगों ने गड़बड़ियां की उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिवपाल सिंह यादव

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाथरस में अपनी चुनावी रैली में शिवपाल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अच्छा हुआ कि ‘साइकिल' उनके हाथ में आ गयी है, जो भी लोग भितरघात कर रहे थे, वे साथ नहीं रह सकते।

अगर टिकट नहीं मिलता तो निर्दलीय लड़ते

शिवपाल ने तन्जिया लहजे में कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अगर टिकट देकर उन पर ‘मेहरबानी' नहीं करते तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जसवन्तनगर से ही चुनाव लड़ते।

मालूम हो कि गत एक जनवरी को सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश के प्रतिद्वंद्वी चाचा शिवपाल को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। हाल में चुनाव आयोग द्वारा अखिलेश के सपाई धड़े को ही असली समाजवादी पार्टी करार दिए जाने के बाद शिवपाल बिल्कुल हाशिये पर आ गए हैं। हालांकि अखिलेश ने शिवपाल को जसवन्तनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है।

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