मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक यादव करेंगे पत्नी अर्पणा के लिए प्रचार, कैंट सीट पर कांटे की टक्कर

मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक यादव करेंगे पत्नी अर्पणा के लिए प्रचार,  कैंट सीट पर कांटे की टक्करपति प्रतीक यादव के साथ नामांकन के लिए सपा प्रत्याशी अर्पणा यादव

लखनऊ। लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी से अर्पणा यादव और बीजेपी की से रीता बहुगुणा जोशी ने सोमवार को नामांकन भरा। पहली बार चुनावी अखाड़े में उतर रही मुलायम सिंह की छोटी बहु भारी लाव-लश्कर और पति प्रतीक यादव के साथ अपना पर्चा भरने पहुंची थीं। इसी के साथ दोनों प्रत्याशियों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है।

अर्पणा यादव के नामांकन के दौरान उनके पति प्रतीक यादव और बेटी भी मौजूद रहे। पर्चा भरने के बाद दोनों सपा और बीजेपी प्रत्याशी के बीच जबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। रीता बहुगुणा जोशी ने आरोप लगया कि सत्तारूढ़ पार्टी के होने के नाते अर्पणा यादव ने चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने चुनाव आयोग की तय गाइडलाइंस से अधिक लोग अर्पणा यादव के नामांकन के समय उनके निर्वाचन अधिकारी के कमरे में मौजूद रहें। आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। वहीं अर्पण यादव ने इसके जवाब में कहा कि रीताजी की उम्र हो गई है। उनके पास कोई आइडियोलाजी नहीं है। चुनाव में अपनी हार देखकर वह बौखलाहट में ऐसी बातें कर रही हैं।

नामांकन करने जातीं बीजेपी प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी। फोटो विनय गुप्ता

नेताजी का आशीर्वाद है, भईया (अखिलेश) हमारे साथ हैं। ऐसे में कैंट की जनता इस बार हमें सेवा करने का मौका देगी।
अर्पणा यादव, सपा प्रत्याशी और मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू

नमांकन दाखिल करने के बाद उत्साह से लबरेज अर्पण यादव ने मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को याद करते हुए कहा, ' नेताजी का आशीर्वाद है, भईया (अखिलेश) हमारे साथ हैं। ऐसे में कैंट की जनता इस बार हमे सेवा करने का मौका देगी।”

वहीं रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, ''सपा के शासनकाल में प्रदेश गुण्डाराज से त्रस्त है। जनता इस चुनाव में सपा को सबक सिखाएगी, कैंट की जनता मेरे साथ है। बीजेपी इसी सीट पर जीत का परचम लहराएगी।'' कैँट विधानसभा से अर्पण यादव और रीता बहुगुणा जोशी के आमने-सामने होने से यह सीट हाईप्रोफाइल हो गई है। अर्पणा यादव जहां सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह की बहु और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई की पत्नी हैं, वहीं रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हेमवतीनंदन बहुगुणा की बेटी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे विजय बहुगुणा जोशी की बहन हैं। कुछ महीना पहले ही वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई हैं।

सपा के शासनकाल में प्रदेश गुण्डाराज से त्रस्त है। जनता इस चुनाव में सपा को सबक सिखाएगी, कैंट की जनता मेरे साथ है। बीजेपी इसी सीट पर जीत का परचम लहराएगी।’
रीता बहुगुणा जोशी, बीजेपी प्रत्याशी, कैंट, लखनऊ

चुनाव मैदान में पहली बार प्रचार करते दिखेंगे प्रतीक यादव

राजनीति से दूर रहकर बिजनेस और फिटनेस में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव भी पहली बार चुनावी मैदान में दिखेंगे। कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से अपनी पत्नी अर्पणा यादव के लिए वोट मांगेगे। प्रतीक यादव ने कहा, '' काफी दिनों से कैंट की जनता के लिए अर्पणा काम कर रही हैं। मैं इनके लिए क्षेत्र में जाकर वोट मांगूगा। मुझे विश्वास है कि यहां की जनता इनको भारी वोटों से विजयी बनाएगी। ''

पति और बेटी के साथ नामांक के लिए पहुंचीं अर्पणा।

सपा-कांग्रेस गठबंधन से उत्साहित हैं अर्पणा यादव

विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रस के साथ आने से अर्पणा यादव ने कहा इस गठबंधन से दोनों पार्टियों को लाभ होगा। इस गठबंधन का कोई नेगेटिव इंपैक्ट नहीं है। साल 2012 के चुनाव में कैँट सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी ने जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार वह बीजेपी से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं इस सीट से बीजेपी से कई बार विधायक रहे सुरेश तिवारी को टिकट नहीं मिला है। ऐसे में अर्पणा को उम्मीद है कि सपा के साथ ही कांग्रेस के परंपरागत वोट तो उन्हें मिलेंगे ही साथ में बीजेपी उम्मीदवार से नाराज लोग भी उनको वोट करेंगे।

हालांकि सपा के लिए चिंता की बात यह है कि 2012 के चुनाव में सपा का उम्मीदवार यहां पर चौथे नंबर पर रहा था। रीता बहुगुणा जोशी बीजेपी के कैडर वोट के साथ ही अपने व्यक्तिगत संबंधों पर वोट मिलने की उम्मीद है। कैंट सीट पर अर्पण यादव और रीता बहुगुणा जोशी के टकराने से यहां का मुकाबल दिलचस्प हो गया है। दोनों नेताओं का संबंध उत्तराखंड से भी है। रीता बहुगुणा जहां बहुगुणा-जोशी ब्राम्हण परिवार से आती हैं वहीं अर्पणा राजपूत बिष्ट समुदाय से संबंध रखती हैं। कैंट सीट पर बड़ी संख्या में पहाड़ी मतदाता हैं।

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