चौथे चरण तक आते-आते हांफने लगे मतदाता, इस चरण में सिर्फ 60.37 प्रतिशत हुआ मतदान

चौथे चरण तक आते-आते हांफने लगे मतदाता, इस चरण में सिर्फ 60.37 प्रतिशत हुआ मतदानचौथे चरण का मतदान हुआ पूरा। 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में गुरूवार को 12 जिलों की 53 सीटों पर शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हो गया। चुनाव आयोग के अनुसार सुबह 7 बजे से लेकर शाम पांच बजे के जो आंकड़े मिले हैं उसके मुताबिक इस चरण में 60.37 प्रतिशत मतदान हुआ। जो पहले के तीन चरण के मुकाबले कम है।

यूपी विधानसभा के पहले चरण में 64.21 प्रतिशत, दूसरे चरण में 65.50 प्रतिशत और तीसरे चरण में 61.16 प्रतिशत मतदान हुआ था। चौथे चरण में जिन जिलों में मतदान हुआ वहां साल 2012 के विधानसभा चुनाव में कुल 60.20 प्रतिशत मतदान हुआ था।

चौथे चरण में प्रतापगढ़, कौशाम्बी, इलाहाबाद, फतेहपुर और रायबरेली के साथ ही बुंदेलखंड के जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट जिले में वोटिंग हुई। अखिलेश यादव सरकार के तीन दिग्गज मंत्रियों समेत कई हाईप्रोफाइल नेताओं की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। अखिलेश यादव सरकार में निर्दलीय चुनाव जीतकर मंत्री रघुराज प्रतात सिंह उर्फ राजा भैया कुंडा सीट से, कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ऊंचाहार और मंत्री शिवाकांत ओझा रानीगंज सीट से चुनाव मैदान में थे। इस चरण कई महिला भी प्रत्याशी थी जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा रामपुर खास, रायबरेली सदर सीट से अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह कांग्रेस के टिकट पर और इलहाबाद पश्चिम सीट से बसपा की पूजा पाल और इसी सीट से सपा की उम्मीदवार ऋचा सिंह की जीत-हार का फैसला भी ईवीएम में चला गया। इस चरण में मतदान के समय इलाहबाद में ईवीएम में खराबी आई थी जिसको तुरंत बदला गया।

चौथे चरण में जहां बहुजन समाज पार्टी सभी 53 सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा की थी वहीं भाजपा ने 48, कांग्रेस ने 25, सपा ने 33, रालोद ने 39, एनसीपी ने तीन, वामपंथी दलों में सीपीआई ने 17 और सीपीएम ने तीन प्रत्याशी उतारे थे। इस चरण में कुल 680 प्रत्याशी मैदान में थे जिनमें 61 महिलाएं थी।

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