यूपी इलेक्शन 2017: पांचवें चरण में और घटा उत्साह, 57.36 फीसदी ही हुआ मतदान

यूपी इलेक्शन 2017: पांचवें चरण में और घटा उत्साह, 57.36 फीसदी ही हुआ मतदानमतदान के लिए लाइन में खड़े मतदाता।

लखनऊ। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी वेंकटेश ने यहां बताया कि पांचवें चरण में बलरामपुर, गोण्डा, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, अमेठी और सुल्तानपुर जिले की 51 विधानसभा सीटों के लिये शांतिपूर्ण तरीके से 57. 36 फीसद वोट पडे। इसके साथ ही 607 प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद हो गया। प्रदेश विधानसभा के अब तक गुजरे पांच चरणों में यह सबसे कम वोट प्रतिशत है। इसके पूर्व, पहले चरण में 64 फीसद, दूसरे दौर में 65, तीसरे तथा चौथे दौर में 61-61 प्रतिशत औसत मतदान हुआ था। वर्ष 2012 में पांचवें चरण में 57. 09 प्रतिशत वोट पड़े थे। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। शाम पांच बजे तक जिन मतदाताओं ने मतदान केंद्र में आमद दर्ज करायी, उन्हें वोट डालने का मौका दिया गया।

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पांचवें चरण के चुनाव में अमेठी सीट से सपा के टिकट पर सरकार के विवादास्पद मंत्री गायत्री प्रजापति के साथ-साथ कांग्रेस उम्मीदवार अमिता सिंह और भाजपा प्रत्याशी गरिमा सिंह की चुनावी किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। इसके अलावा राज्य सरकार के मंत्री एसपी यादव (गैंसडी) विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह (तरबगंज) शंखलाल मांझी (जलालपुर) तेज नारायण पाण्डेय उर्फ पवन पाण्डेय :अयोध्या: तथा बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर (अकबरपुर) का चुनावी भाग्य भी ईवीएम में कैद हो गया।

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इस बीच, बलरामपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बलरामपुर सदर सीट के कोलवा में बूथ संख्या 175 पर तैनात पीठासीन अधिकारी मालिक राम (52) की शाम को ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई। मालिक राम बलरामपुर के हरैयां क्षेत्र के बगहा कलां गांव स्थित स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात थे। अंबेडकरनगर के आलापुर में सपा प्रत्याशी चंद्रशेखर कनौजिया के निधन के कारण चुनाव आयोग ने यहां मतदान की तारीख नौ मार्च निर्धारित की है। इस चरण में 2351 मतदान केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था।

स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बल तथा पुलिस बल तैनात किया गया था। मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए 52 सामान्य पर्यवेक्षक, 13 व्यय पर्यवेक्षक तथा छह पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने आलापुर जोडकर कुल 52 सीटों में से 37 सीटें जीती थीं। भाजपा और कांग्रेस को पांच पांच सीटें मिली थीं जबकि बसपा को तीन और पीस पार्टी को दो सीटें हासिल हुई थीं। श्रावस्ती, बलरामपुर, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर में सपा प्रत्याशियों ने हर सीट पर जीत दर्ज की थी।

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