90 गाँव के किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवजा

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लखनऊ। अमौसी से शुरू होकर नवाबगंज (उन्नाव) तक 90 गाँवों के करीब एक लाख किसानों की जिंदगी बदलने वाली है। यहां तीन नई टाउनशिप बनवाने की तैयारी है, जिसके लिए किसानों को न सिर्फ चार गुना मुआवजा मिलेगा बल्कि उनके आसपास के इलाके को चमकाया भी जाएगा।

औद्योगिक, आवासीय और पर्यटन समेत कई गतिविधियों से लैस तीन नई टाउनशिप के लिए लखनऊ औद्येगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) ने जिन 90 गाँवों को चुना है उनमें 45 लखनऊ के और 45 उन्नाव के होंगे। इसकी शुरुआत फिलहाल लखनऊ के दो गाँवों से की गई है, जिसमें लगभग 300 एकड़ जमीन लीडा ले रहा है। लीडा ने इन्हें सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने का फैसला किया है। इसका अर्थ है कि इन गाँवों में बसने वाले हजारों किसानों को अपनी ज़मीन देने के बदले में करोड़ों रुपये का फायदा होगा। करीब 40 किलोमीटर की दूरी तक लीडा तीन टाउनशिप बनाएगा, जिसमें उद्योग, रिहायशी, व्यवसाय और पर्यटन संबंधित गतिविधियां जुड़ेंगी। राजधानी क्षेत्र का विकास उन्नाव तक होगा। साथ ही 90 गाँवों में विकास के नये रंग देखने को मिलेंगे।

लीडा कानपुर रोड पर नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर नई एकीकृत इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करेगा। लखनऊ-कानपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के काउंटर मैगनेट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसे इस उद्देश्य से तैयार किया गया है कि क्षेत्र में समेकित औद्योगिक विकास हो सके। लीडा के मास्टर प्लान-2031 का यह महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। आगे जाकर ये उन्नाव और कानपुर को जोड़ने वाली ट्रांस गंगा सिटी से मिल जाएगा।

लीडा के परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया, "हम किसानों का चार गुना मुआवजा देंगे। 90 गाँवों में विकास की गंगा बहेगी, जिसमें गाँवों और किसानों की खुशहाली के भी प्रयास होंगे, उद्योग बढ़ेंगे। हमनें तीन गाँवों से शुरुआत की है। बाकी विकास हम मास्टर प्लान के हिसाब से करेंगे।"

ड्रॉफ्ट में क्या

लीडा के ड्राफ्ट मास्टर प्लान में 90 गाँवों में अधिसूचित 29,996 हेक्टेयर क्षेत्र का 20 प्रतिशत भाग औद्योगिक होगा। 26 प्रतिशत आवासीय, 20 प्रतिशत ईको फ्रेंडली मनोरंजन क्षेत्र, 16 प्रतिशत परिवहन, 12 प्रतिशत सार्वजनिक/अर्द्ध सार्वजनिक, 4 प्रतिशत मिश्रित व दो प्रतिशत व्यवसायिक होगा।

तीन गाँवों से हुई शुरुआत

लीडा ने मास्टर प्लान बनाने के बाद अपनी शुरुआत गाँव कानपुर रोड के कुरौनी 351 एकड़ जमीन के अधिग्रहण से की है, जिसमें लीडा का दावा है कि 75 फीसदी किसान मुआवजा ले चुके हैं जबकि बाकी ग्रामीणों से इस विषय पर बातचीत जारी है। इस गाँव के अलावा अब ली नीमा और भटगांव में भी तुरंत प्रक्रिया भी शुरू करने जा रहा है। बाकी क्षेत्र की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ेंगे।

नवाबगंज पक्षी विहार के पास बनेगा पर्यटन स्थल

लखनऊ में रिहायशी और व्यवसायिक गतिविधियां होंगी। उन्नाव और लखनऊ की सीमा पर उद्योग लगेंगे और सबसे अंत में नवागंज पक्षी विहार के पास लीडा पर्यटन केंद्र विकसित करेगा ताकि नवाबगंज पक्षी विहार के साथ जोड़ कर इसको और बेहतर किया जा सके।

इन रियल इस्टेट कंपनियों को लाइसेंस

लीडा ने अपने क्षेत्र में अब तक पार्थ, सिमरथ, एंप्यार, संतुष्टि, एल्डिको, पाप्यूलिरटी, कृष्णा, अलकनंदा नाम की रियल इस्टेट कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। ये 200 एकड़ तक की टाउनशिप इस क्षेत्र में विकसित कर रही हैं। इनमें 20 फीसदी आवास ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भी देने होंगे, जिसका मतलब है कि केवल इन टाउनशिप में ही लगभग तीन से चार हजार गरीबों को भी आवसीय सुविधा शासकीय नीतियों के अनुसार देनी पड़ेगी।

रिपोर्टर - ऋषि मिश्र

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