Read latest updates about "गांव चौपाल" - Page 1

  • हम टैक्स देते हैं ताकि शहर गाँव जैसा लगे

    प्रिय दद्दू,हमने पिछले दिनों कहीं पढ़ा था दद्दू, कि किसी बड़े ज्ञानी पुरुष ने शोध के बाद ये कहा है कि हिंदुस्तान में बीस-तीस साल बाद सिर्फ शहर ही मिलेंगे, गाँव नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि तमाम फैक्ट्री, सड़क, नौकरियां सब गाँव तक पहुंच जाएंगी और शहर गाँव को लील लेगा। हमें ये बात सुन के बड़ा डर...

  • सब्जी मसालों में ग्रामीण महिलाएं लगा रहीं हैं देसी तड़का...

    गांव की चीजें शुद्ध होती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं। खासकर जंगली और पहाड़ी इलाकों की फसलें और जड़ी बूटियां बेहद असरदार मानी गई हैं। नेपाल की तराई में उगने वाली हल्दी, धनिया और दूसरी फसलों से आदिवासी महिलाएं जो सब्जी मसाले और अचार बना रही हैं उनकी मांग लगातार बढ़ रही है..श्रावस्ती। आदिवासी महिलाएं...

  • भुट्टा भूनने का एक देसी अंदाज़

    राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के एक गांव में कुछ इस तरह भुना जा रहा था भुट्टा | हमने पूछा कि छिलका क्यों नहीं हटा रहे आप लोग, भाई हमारे यहाँ तो छिलका हटा कर भूना जाता है| जवाब मिला कि अगर भुट्टा आग पर रखने से पहले उसके सभी छिलके न हटाएं तो ऐसे में भुट्टे का प्राकृतिक स्वाद और मीठापन बरकरार रहता है|

  • The 10 Most Astonishing Villages Of India!

    Every Indian village has its unique culture and specialty. We'll take you to India's 14 most interesting villages where you would find everything different from the rest of the world. 1. A Village Where Milk & Yogurt Is For Free! Here you would get milk and curd for...

  • एक माझी की कहानी : मेरा अगला जनम भी तेरे चरणों में हो...

    नदी के किनारे घाट पर रहकर और नदी में अपनी नाव पर लोगों को घुमाना ही इनकी जि़ंदगी का सहारा है। आइए हम आपको उन नाविकों से मिलाते हैं, जिनकी ज़िन्दगी के जीने का जरिया सिर्फ और सिर्फ नाव है। कानपूर के बिठूर घाट पर पिछले 13 वर्षों से नाव चलाने वाले जयंत शुक्ला (71 वर्ष) बताते हैं, 'हम जब यहाँ पर पूरा दिन...

  • प्यार से पुकारो तो सही, लौट आएगी गौरेया और संग ले आएगी बचपन

    किस-किस को याद है, दादी का, नानी मां का, अम्मा का रोटी बनाते में, आटे की लोई से चिड़िया बना कर देना? जिसकी टांगे झाड़ू की सींक से बनती थीं? मैं अपनी चिड़िया कभी सेंकने न देती। मेरा भाई सेंक कर घी चुपड़ कर खा जाया करता। आह बचपन! वाह बचपन!तब हम गौरैया को चिड़िया ही नाम से पहचानते थे। हां भई हां!...

  • बेसहारा गायों की देखभाल करने वाली जर्मन महिला को मिलेगा पद्मश्री सम्मान

    मथुरा (उत्तर प्रदेश, भाषा)। जिस देश में गाय के लिए लोगों की हत्या की जा रही है, जहां लगभग हर सड़क पर आवारा और छुट्टा गायें भटकती नजर आती हैं। हजारों कथित गोरक्षक वाले इस देश में गायों की दुर्दशा हो रही है, वो भूखी प्यासी सड़कों पर पॉलीथीन खा रही हैं और गोशालें सरकारी मदद लोगों के दान के इंतजार में...

  • आप भी जानिए कैसे होती है चकबंदी, कैसे कर सकते हैं आप शिकायत 

    अगर आपके गांव में चकबंदी हो रही है, या होने वाली है तो ये खबर आपके काम की है। आमतौर पर किसान चकबंदी प्रक्रिया को काफी जटिल मानते हैं। गांव में चकबंदी कैसे होती है, आइये आपको इस बारे में पूरी जानकारी बताते हैं…अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार के बढ़ने के साथ खेती की जमीनों में बंटवारा होता रहता है।...

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