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मुसीबत: कार्यकाल के आखिरी दिनों में जिन प्रधानों ने किया 10 लाख रुपए से अधिक खर्च, उनकी जांच के आदेश

हाल ही में जिन प्रधानों का कार्यकाल खत्म हुआ है अगर उन्होंने अपने कार्यकाल के आख़िरी दिनों में 10 लाख से ज्यादा रुपए खर्च किये हैं तो सरकार ऐसे ग्राम प्रधानों की जांच कराएगी। उप निदेशक पंचायत ने पत्र में जिक्र किया है कि निकाली गई धनराशि के तहत कराए गए विकास कार्य पर भुगतान हुए रुपए का कार्य के हिसाब से ब्योरा दिया जाए।

Ajay MishraAjay Mishra   2 Jan 2021 11:29 AM GMT

ग्राम पंचायत में काम करते मजदूर.जिन ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में 10 लाख से ज्यादा रुपए खर्च किये हैं उनकी होगी जांच.

लखनऊ/कन्नौज। पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के अंतिम समय में जिन प्रधानों ने विकास कार्य कराए जाने के नाम पर खातों से अंधाधुंध रुपए निकाले हैं, उनकी जांच के आदेश आ गए हैं। 25 दिनों में 10 लाख या इससे अधिक रुपए खर्च करने वाले ग्राम पंचायतों की सूची भी जारी कर दी गई है। डीपीआरओ से इसकी रिपोर्ट तलब की गई है।

उत्तर प्रदेश के उप निदेशक पंचायत कानपुर अभय कुमार शाही ने जारी किए पत्र में कहा है कि 25 दिसम्बर को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। एक दिसम्बर से अंतिम दिन तक जिन ग्राम पंचायतों ने 10 लाख या उससे अधिक की धनराशि निकाली है, इससे संदेह हो रहा है। विकास कार्य कराने में धनराशि का सदुपयोग करने को लेकर जांच जरूरी है।

उप निदेशक पंचायत ने पत्र में जिक्र किया है कि निकाली गई धनराशि के तहत कराए गए विकास कार्य पर भुगतान हुए रुपए का कार्य के हिसाब से ब्योरा दिया जाए। ग्राम पंचायत विकास योजना यानि जीपीडीपी में सम्मिलित किए गए कार्य की स्थिति बताई जाए। विकास कार्य में सक्षम स्तर से प्रशासनिक, तकनीकी व वित्तीय स्वीकृति के अलावा खरीदी गई सामग्री के लिए कुलेशन या टेंडर का पालन हुआ, इसको भी देखा जाए।

उप निदेशक ने यह भी कहा है कि खर्च की गई धनराशि की 15वें वित्त आयोग की ओर से टाइड/अनटाइड ग्रांट के उपभोग के लिए जो शासनादेश जारी हैं, उनका पालन हुआ या नहीं, बारीकी से जांच की जाए। उन्होंने सम्बंधित एडीओ यानि सहायक विकास अधिकारी पंचायत से कहा है कि आठ जनवरी तक वह अपनी जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को देंगे। जिले से 11 जनवरी तक रिपोर्ट उनको दी जाएगी। मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा होगी। बताया गया है कि कानपुर मंडल के छह जिलों में ग्राम पंचायतों ने एक दिसम्बर से 25 तक 15065.21 लाख रुपए निकाले हैं।

यूपी के कन्नौज जिले के डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्र ने सभी एडीओ पंचायत को पत्र भेजकर तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है। इसमें बिंदुवार सत्यापन व रिपोर्ट देने को कहा गया है।


कन्नौज के इन ब्लॉकों में हुआ अधिक खर्च

प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने से पहले 25 दिनों में ब्लॉक छिबरामऊ की सात ग्राम पंचायतों ने 135.366 लाख रुपए खर्च किए हैं। हसेरन की सात ग्राम पंचायतों में 177.507 लाख रुपए, गुगरापुर की छह ग्राम पंचायतों ने 117.248 लाख रुपए, जलालाबाद की आठ ग्राम पंचायतों ने 155.547 लाख रुपए, कन्नौज की सात ग्राम पंचायतों ने 112.556 लाख रुपए, सौरिख की सात ग्राम पंचायतों ने 95.747 लाख रुपए, उमर्दा की 14 ग्राम पंचायतों ने 272.434 लाख रुपए, तालग्राम की छह ग्राम पंचायतों ने 76.815 लाख रुपए कुल 1143.22 लाख रुपए खर्च किए हैं।

कन्नौज की इन ग्राम पंचायतों की होगी जांच

कन्नौज के ब्लॉक छिबरामऊ क्षेत्र के विशुनगढ़, मिघौली, खुबरियापुर, नौगई, नौली, अलहनपुर, कसावा, ब्लॉक हसेरन क्षेत्र के लाख, नादेमऊ, वनगवां, बरौली, किशनपुर बसंत, खरगपुर बिलंदपुर, सरगौली, ब्लॉक गुगरापुर क्षेत्र के कुसुमखोर, गुगरापुर बांगर, गढ़िया बलिदादपुर, राजपूर, सौंसरापुर, इब्राहिमपुर बांगर, ब्लॉक जलालाबाद क्षेत्र के फतेहपुर जसोदा, जलालाबाद, वैसावारी, तेरारागी, फरिकापुर, पासरपुर, मिरगावां, ब्लॉक सदर कन्नौज क्षेत्र के गुखरू, उदैतापुर, बंसरामऊ, मुरैया बुजुर्ग, वैसापुर पट्टी, हैवतपुर कटरा, अहमदपुर रौनी, ब्लॉक सौरिख क्षेत्र के दौलताबाद, गढ़ियापाह, किशई जगदीशपुर, बहादुरपुर मझगवां, जाफराबाद, गोरखपुर हरिभानपुर, कायमपुर, ब्लॉक उमर्दा क्षेत्र के अगौस, औसेर, हरेईपुर, ठठिया, मलिहापुर, किनौरा, रामपुर मझिला, ड्योढ़ा, अहेर, सिमरिया, सुर्सी, पैथाना, जनखत, बस्ता, तालग्राम के सकरनी, ज्ञानपुर, डुंडवाबुजुर्ग, अमोलर, ऊंचा ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

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