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आखिर कब थमेगी सिलेंडरों की कालाबाजारी?

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शाहजहांपुर। लाल रंग के रसोई 14.2 किलो गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी व इनके दुरुपयोग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रसोई गैस सिलेण्डरों का होटलों, ढाबों, मिठाई व चाय और चाट की दुकानों से लेकर मैरिज लानों, वाहनों और स्टेशन में खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। 

प्रशासन रसोई गैस सिलेण्डरों के व्यवसायिक इस्तेमाल को रोक पाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है, जिसकी वजह से रसोई गैस उपभोक्ताओं को उनके घर पर समय से रसोई गैस नहीं पहुंच पा रही है और रसोई गैस उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेण्डर लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। 

रेसोई गैस उपभोक्ताओं और विभिन्न राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों द्वारा गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ शिकायतें कर धरना-प्रदर्शन आन्दोलन आदि किए, जिसके परिणामस्वरूप नगर मजिस्ट्रेट नरेन्द्र सिंह ने यह मानते हुए कि घरेलू गैस सिलेण्डरों का बड़े पैमाने पर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भारी मात्रा में उपयोग हो रहा है। तथा उन्होंने घरेलू गैस का दुरुपयोग करने वालों से प्रशासन द्वारा शक्ति से निपटने के संकेत भी दिये थे और कहा था कि रसोई गैस का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में कार्यवाही की जायेगी।

इसको गाँव कनेक्शन ने वर्ष-4 अंक-2 में प्रमुखता के साथ छापा था, जिसका शीर्षक था ‘‘घरेलू रसोई गैस सिलेण्डरों के दुरुपयोग पर होगी कार्यवाही‘‘ परन्तु  प्रशासन  का यह दावा हवा-हवाई साबित हुआ और न तो आज तक किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और न ही रसोई गैस सिलेण्डरों के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर हो रहे दुरुपयोग को रोंका जा सका। यहां तक की जनपद के मुख्य मार्गों पर घरेलू रसोई गैस सिलेण्डरों का चाय की दुकानों, चाट-पकौड़ी के ठेलों आदि पर खुले रूप से धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। 

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