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अब एचआइवी पीड़ितों को भी समाजवादी पेंशन

अब एचआइवी पीड़ितों को भी समाजवादी पेंशनगाँव कनेक्शन

वाराणसी। प्रदेश सरकारन ने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए पेंशन योजना के बाद अब एचआइवी पीडि़तों को भी समाजवादी पेंशन देने का निर्णय किया है। एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट (एआरटी) केंद्रों में पंजीकृत पीड़ितों को समाजवादी पेंशन योजयना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए पीड़ितों की सूची बनाई जा रही है। 

दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल स्थित केंद्र से अब तक 50 पीडि़तों के नाम भेजे भी जा चुके हैं, इसमें बनारस और आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हैं।

जिले के दीनदयाल अस्पताल के साथ ही बीएचयू में भी एआरटी सेंटर है। दीनदयाल अस्पताल में बनारस के साथ ही आसपास के जिलों से तो बीएचयू में पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही पश्चिमी बिहार तक से एचआइवी पीड़ित दवा व परामर्श के लिए आते हैं। समाजवादी पेंशन के लिए पीड़ितों का कोई एक परिचय पत्र के साथ ही पासबुक की छायाप्रति संलग्न कर केंद्र प्रभारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी की संस्तुति के बाद आवेदन समाज कल्याण विभाग भेजे जाएंगे। बीएचयू केंद्र में 21 हजार और दीनदयाल अस्पताल में 1900 पीड़ित पंजीकृत हैं, जिन्हें दवाएं आदि नि:शुल्क दी जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में पंजीकृत मरीजों को भी समाजवादी पेंशन दी जा रही है। 

केंद्र तक आने का मिलेगा किराया

समाजवादी पेंशन के अलावा उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण संगठन (यूपीसैक्स) की ओर से एचआइवी पीड़ितों को अब केंद्र तक आने-जाने का किराया भी दिया जाएगा। दीनदयाल अस्पताल एआरटी से ऐसे 350 पीड़ितों की सूची केंद्र मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। वास्तव में एआरटी में इलाज के लिए सुदूर अंचलों, सीमावर्ती गाँवों या दूसरे जिलों से भी मरीज आते हैं। किराया के लिए धन न होने से कई मुफ्त मिलने वाली दवा तक भी नहीं पहुंच पाते। बीएचयू में तो पूर्वाचल के विभिन्न जिलों के साथ ही पश्चिमी बिहार तक से पीड़ित आते हैं।

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