इस मशीन की मदद से छह महीने से ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकेंगे पनीर, दूध और मीट

अगर किसान इस मशीन को समूह बनाकर ख़रीदे और फूड प्रोसेसिंग करे तो लाभ कमा सकते हैं। इसके अलावा जो व्यापारी मीट, दूध, पनीर और अन्य खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उनके लिए भी यह मशीन लाभकारी है।

फरह (मथुरा)। पनीर, दूध और मीट ऐसे उत्पाद हैं, जिनको ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है, लेकिन केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ने रिट्राट पाउच पैकिंग मशीन की मदद से इन उत्पादों को छह महीने से ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं।

केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के गोट प्रोडेक्ट टेक्नोलॉजी लेबोरेटरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी. राजकुमार पिछले 17 वर्षों से बकरी के मांस और दूध के उत्पादों पर काम कर ही रहे हैं, साथ ही इनको सुरक्षित रखने का भी काम कर रहे हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी. राजकुमार बताते हैं, "फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी हो सके इसके लिए इस क्षेत्र में काम किया गया है। इस मशीन से 121 डिग्री सेल्सियस तापमान में पैकिंग की जाती है ताकि इसको लम्बे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।''

चेन्नई से मंगाई गई यह मशीन कम्प्रहेशन और वैक्यूम पर काम करती है। इस मशीन में एक बार में 25 पैकिंग इससे की जा सकती हैं और एक दिन में दस बैंच निकाले जा सकते हैं। इस हिसाब से यह मशीन रोजाना 250 पैकिंग कर सकती है। ''अगर किसान इस मशीन को समूह बनाकर ख़रीदे और फूड प्रोसेसिंग करे तो लाभ कमा सकते हैं। इसके अलावा जो व्यापारी मीट, दूध , पनीर और अन्य खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम कर रहे है उनके लिए भी यह मशीन काफी लाभकारी है।


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हमारे पास कई राज्यों के लोग प्रशिक्षण लेने के लिए आ रहे है।'' डॉ. वी. राजकुमार ने मशीन को दिखाते हुए बताया, ''संस्थान ने अभी बकरी, गाय के दूध और बकरी के मांस के कई उत्पादों को इस मशीन से पैकिंग कर के तैयार भी किया है और छह महीने से 12 महीने तक कमरे के तापमान में भी रख कर देखा है, यह प्रयोग सफल भी रहा है।''

दस लाख की इस मशीन को किसान कैसे लगाकर इसका लाभ उठा सकते हैं, इसके बारे में डॉ. राजकुमार बताते हैं, ''समूह बनाकर किसान इस मशीन को ख़रीदे और इसको गाँव स्तर पर लगाए इससे काफी लाभ होगा। साथ ही किसान इस मशीन से उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग भी हमारे संस्थान से ली जा सकती है। '' इस मशीन में उत्पादों को रखने के लिए जो पैकिंग की जाती है उसमें एल्यूमिनयम आक्साइड और पॉलीप्रापलेन, नाइलोन युक्त शीट का प्रयोग किया जाता है। वैक्यूम प्रेशर पर काम करने वाली मशीन में 121 डिग्री सेल्सियस से तापमान पैकिंग के समय गिरकर 40 तक आ जाता है।

इस पैकिंग फूड को छह महीने से ज्यादा कमरे के तापमान पर सुरक्षित रखा जा सकता है। लेकिन अगर आप छह महीने बाद पैकेट को खोल रहे है तो उसे पूरा प्रयोग करना जरूरी होगा क्योंकि उच्च तापमान पर खाधपदार्थ के पोर्स को मशीन पैकिंग के दौरान नष्ट कर देती है जो पदार्थ को खराब करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।


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