Read latest updates about "Animal Husbandry" - Page 1

  • इस गोशाला में नहीं है कोई चाहरदीवारी, खुले में घूमती हैं गाय 

    जोधपुर। एक तरफ लोग बेकार गायों को छोड़ दे रहे हैं, वहीं पर राजस्थान में एक ऐसी भी गोशाला है जो इन छुट्टा गायों के लिए आश्रय बन रही है। इस गोशाला में हर गाय की है अपनी अलग पहचान और नाम है।राजस्थान के जोधपुर शहर में रेलवे स्टेशन से करीब 14 किमी. की दूरी पर बुझावड़ गांव में मारवाड़ मुस्लिम एजुकेशनल एंड...

  • हर्बल इलाज से दूर भाग रहे पशुपालक

    जहां पहले पशुओं को छोटी-मोटी बीमारियां होने पर पशुपालक हर्बल दवाओं को प्रयोग करके सही लेते थे, वहीं अब पशुपालक पूरी तरह से एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भर होते जा रहे हैं।"पशुपालक चाहता है कि पशु बीमार है तो वह तुरंत ठीक हो जाए। इसलिए एंटीबायोटिक दवाओं पर निर्भरता ज्यादा है। हर्बल उपचार धीरे-धीरे संभव...

  • इस तरीके से बच सकता है रेगिस्तान का जहाज  

    सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां और कम होते चारागाह जैसी समस्याओं को लेकर रेगिस्तान का जहाज अपने वजूद को बचाने के लिए जूझ रहा है। ऐसे में अगर ऊंटों के दूध व अन्य उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए तो शायद देश में लगातार घट रही ऊंट की संख्या पर रोक लगाया जा सकता है।राजस्थान के पाली जिले में ऊंट के संरक्षण एवं...

  • देश के कई हिस्सों से इस डॉक्टर के पास जानकारी लेने आते हैं मछली पालक

    महराजगंज। मछलियों की कौन सी प्रजाति का किस समय पालन करना चाहिए, कौन से तालाब में ज्यादा वृद्धि करेंगी और कितने दिन में तैयार होंगी, जानकारी लेने के लिए जिले ही नहीं मध्य प्रदेश और बिहार तक के मछली पालक पहुंचते हैं।महाराजगंज जिला मुख्यालय से निचलौल ब्लॉक मुख्यालय तक जाने वाले मुुख्य मार्ग पर बरोहिया...

  • इस मशीन की मदद से छह महीने से ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकेंगे पनीर, दूध और मीट

    फरह (मथुरा)। पनीर, दूध और मीट ऐसे उत्पाद हैं, जिनको ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है, लेकिन केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ने रिट्राट पाउच पैकिंग मशीन की मदद से इन उत्पादों को छह महीने से ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के गोट प्रोडेक्ट टेक्नोलॉजी लेबोरेटरी...

  • पशुपालक कैलेंडर: अगस्त में ध्यान देने वाली बातें

    पशुओं को अत्यधिक तापक्रम एवं धूप से बचाने के उपाय करें। मुंहपका-खुरपका रोग, गलाघोंटू, ठप्पा रोग, फड़किया रोग आदि के टीके नहीं लगवाएं हो, तो लगवा लें। मुंहपका-खुरपका रोग से ग्रस्त पशुओं को अलग स्थान अथवा बाड़े में बांधें, ताकि संक्रमण स्वस्थ पशुओं में नहीं हो। अगर आस-पास के पशुओं में यह...

  • वीडियो में जाने बैकयार्ड मुर्गीपालन, कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ

    अगर आप कम लागत में मुर्गी पालन शुरू करना चाहते है तो बैकयार्ड मुर्गीपालन (घर के पीछे पड़ी खाली जगह) कर सकते है। इसके लिए कई राज्यों की सरकारें योजना भी चला रही है।पोल्ट्री विशेषज्ञ डॉ पंकज कुमार बताते हैं, "500 रूपए से बैकयार्ड मुर्गी पालन शुरू किया जा सकता है। अगर किसान इसको व्यावसायिक रूप भी देना...

  • गाय के पेट जैसी ये ' काऊ मशीन ' सिर्फ सात दिन में बनाएगी जैविक खाद , जानिए खूबियां

    बरेली (यूपी)। भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों और इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (आईआईटी) रुड़की ने साथ मिलकर मेकेनिकल काऊ कंपोस्टिंग मशीन तैयार की है। यह मशीन सात दिन में जैविक खाद को तैयार करेगी।"अभी खाद तैयार करने के लिए किसानों को एक वर्ष का समय लग जाता हैं जो कि बहुत...

  • क्या जानवर भी इंसानों की तरह रेप करते हैं?

    दिल्ली गैंग रेप से देश क्या पूरी दुनिया दहल गई थी। उसके बाद अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया था, 'जानवर भी ऐसा नहीं करते।' अमिताभ उस घटना में दिखाई गई क्रूरता के बारे में बात कर रहे थे, लेकिन कुछ पाठक मुझसे पूछ बैठे, क्या जानवर भी इसी तरह एक-दूसरे का रेप करते हैं। उदास मन से मुझे कहना पड़ा, 'हां, कुछ...

  • Things to watch out for when you are buying cattle

    Lucknow. Has it happened to you – you go to buy a cow or buffalo and you are shown an animal that is producing phenomenal amounts of milk. But when you bring it home, you suddenly find its output has reduced drastically. You have just been cheated!This happened to Ram Sunder Maurya of Sirkhaul...

  • अगर पशुओं किलनी की समस्या है तो इन तरीको को अपनाएं

    ज्यादातर पशुपालक जानकारी के अभाव में पशुओं में होने वाले दाद, खुजली और जू होने पर ध्यान नहीं देते है, जिससे आगे चलकर उनको काफी नुकसान उठाना पड़ता है। अगर पशुपालक थोड़ा ध्यान दे तो बाहरी परिजीवी से दुधारु पशुओं को बचाया जा सकता है। कई बार परजीवियों की वजह से पशु तनाव में चला जाता है, जिसका सीधा असर...

  • कृत्रिम गर्भाधान : इन बातों को ध्यान में रखकर पशुपालक बचा सकते हैं, 3300 रूपए

    कृत्रिम गर्भाधान की सफलता और व्यापक विस्तार की राह में सबसे बड़ी बाधा पशु की गर्म अवस्था/गर्मी की सही पहचान न कर पाना है I देश में 30-40 प्रतिशत पशु गर्मी में ना होने की अवस्था में गर्भित कराये जाते हैं, जिसकी वजह से वो गर्भधारण नहीं कर पाते हैंIपशुपालक से अगर एक मदचक्र की गर्मी छुट जाती है तो उसे...

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