बांस से बना एक अनोखा मेरापैड सैनिटरी नैपकिन- ग्रामीण महिलाओं के लिए पर्यावरण के अनुकूल एक स्वच्छ विकल्प

Pradyuman Singh Shekhawat | Feb 16, 2023, 06:29 IST
Share

राजस्थान में कई ग्रामीण महिलाएं पर्यावरण के अनुकूल बांस से बने सैनिटरी नैपकिन की ओर रुख कर रही हैं. हर बार धोकर इस्तेमाल किए जाने वाले ये नैपकिन पांच साल तक चल सकते हैं. इन्हें जयपुर स्थित एक गैर-लाभकारी प्रवीण लता संस्थान द्वारा बनाया जा रहा है। एनजीओ ने महिलाओं को इन पैड्स की सिलाई और बिक्री का प्रशिक्षण भी दिया है।

#Sanitary pad
बांस से बना एक अनोखा मेरापैड सैनिटरी नैपकिन- ग्रामीण महिलाओं के लिए पर्यावरण के अनुकूल एक स्वच्छ विकल्प
Tags:
  • Sanitary pad
  • rajasthan
  • story