Lucknow की पहली Online Delivery Girl कंचन की कहानी
Lucknow की पहली Online Delivery Girl कंचन की कहानी

By Preeti Nahar

World Radio Day: पहाड़ों में गूंज रही 'मंदाकिनी की आवाज़', ग्रामीण बने रेडियो जॉकी
World Radio Day: पहाड़ों में गूंज रही 'मंदाकिनी की आवाज़', ग्रामीण बने रेडियो जॉकी

By Manvendra Singh

रुद्रप्रयाग की पहाड़ियों में बसा ‘मंदाकिनी की आवाज़’ सिर्फ एक रेडियो स्टेशन नहीं, बल्कि उन लोगों की उम्मीद है, जिनकी अपनी बोली-भाषा में बात करने का हक़ मुख्यधारा के मीडिया से कहीं गायब हो गया था। विश्व रेडियो दिवस के मौके पर यह कहानी उस सामुदायिक रेडियो की है, जो 24 साल के संघर्ष के बाद आज पहाड़ की हर घाटी में गूंजता है। इस कम्युनिटी रेडियो की कहानी काफ़ी है दुनिया को यह बताने के लिए कि आज के आधुनिक युग में रेडियो की अहमियत क्या है और वह आज भी प्रासंगिक है।

रुद्रप्रयाग की पहाड़ियों में बसा ‘मंदाकिनी की आवाज़’ सिर्फ एक रेडियो स्टेशन नहीं, बल्कि उन लोगों की उम्मीद है, जिनकी अपनी बोली-भाषा में बात करने का हक़ मुख्यधारा के मीडिया से कहीं गायब हो गया था। विश्व रेडियो दिवस के मौके पर यह कहानी उस सामुदायिक रेडियो की है, जो 24 साल के संघर्ष के बाद आज पहाड़ की हर घाटी में गूंजता है। इस कम्युनिटी रेडियो की कहानी काफ़ी है दुनिया को यह बताने के लिए कि आज के आधुनिक युग में रेडियो की अहमियत क्या है और वह आज भी प्रासंगिक है।

एक डॉक्टर सिखा रहा मछली पालन, बढ़ी किसानों की आमदनी
एक डॉक्टर सिखा रहा मछली पालन, बढ़ी किसानों की आमदनी

By Gaon Connection

देश की सर्वश्रेष्ठ पंचायतें: विकास की नई मिसाल कायम कर रही हैं ग्राम पंचायतें
देश की सर्वश्रेष्ठ पंचायतें: विकास की नई मिसाल कायम कर रही हैं ग्राम पंचायतें

By Gaon Connection

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा देश भर की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। इन पुरस्कारों के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल प्रबंधन और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों को 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही, डिजिटल तकनीक के जरिए पंचायतों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है।

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा देश भर की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। इन पुरस्कारों के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल प्रबंधन और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों को 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही, डिजिटल तकनीक के जरिए पंचायतों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में भी हो रही चंदन की खेती, आप भी कर सकते हैं इससे कमाई
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By Gaon Connection

प्रतापगढ़ के पूर्व सैनिक उत्कृष्ट पांडेय ने चंदन और हल्दी उगाकर अपनी किस्मत चमकाई। उन्होंने अपने गाँव में 'हर घर चंदन' की शुरुआत की, जिससे सैकड़ों किसान प्रेरित हुए और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह मॉडल अब गाँवों में खुशहाली ला रहा है।

प्रतापगढ़ के पूर्व सैनिक उत्कृष्ट पांडेय ने चंदन और हल्दी उगाकर अपनी किस्मत चमकाई। उन्होंने अपने गाँव में 'हर घर चंदन' की शुरुआत की, जिससे सैकड़ों किसान प्रेरित हुए और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह मॉडल अब गाँवों में खुशहाली ला रहा है।

नीलेश मिसरा से सुना रहे हैं कहानी बाजबहादुर बटुकेलवी
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By Gaon Connection

केले की पत्तियों में क्यों बनती हैं लाइन? खेती की पूरी जानकारी
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By Gaon Connection

जब रूबी पारीक ने गाँव को बना दिया जैविक खेती का स्कूल
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By Gaon Connection

राजस्थान के खटवा गाँव की रूबी पारिक ने पिता को खोने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को ताकत में बदला और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बीज बैंक और जैविक खेती की ट्रेनिंग देकर हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी।

राजस्थान के खटवा गाँव की रूबी पारिक ने पिता को खोने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को ताकत में बदला और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बीज बैंक और जैविक खेती की ट्रेनिंग देकर हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी।

ओडिशा के इस ज़िले में पहली बार स्ट्राबेरी की खेती
ओडिशा के इस ज़िले में पहली बार स्ट्राबेरी की खेती

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ओडिशा के खोर्धा ज़िले में किसानों ने वो कर दिखाया, जो कभी यहाँ असंभव माना जाता था। गर्म और आर्द्र मौसम वाले इस इलाके में अब स्ट्रॉबेरी की खेती सफल हो रही है, यह सिर्फ़ एक फ़सल नहीं, किसानों के लिए नई उम्मीद है।

ओडिशा के खोर्धा ज़िले में किसानों ने वो कर दिखाया, जो कभी यहाँ असंभव माना जाता था। गर्म और आर्द्र मौसम वाले इस इलाके में अब स्ट्रॉबेरी की खेती सफल हो रही है, यह सिर्फ़ एक फ़सल नहीं, किसानों के लिए नई उम्मीद है।

ओडिशा के इस ज़िले में पहली बार हो रही स्ट्रॉबेरी की खेती, खुल रहे कमाई के नए रास्ते
ओडिशा के इस ज़िले में पहली बार हो रही स्ट्रॉबेरी की खेती, खुल रहे कमाई के नए रास्ते

By Divendra Singh

ओडिशा के खोर्धा ज़िले में पहली बार ऑर्गेनिक स्ट्रॉबेरी की सफल खेती ने खेती की पारंपरिक सोच को बदल दिया है। यहाँ के किसानों ने वैज्ञानिक तकनीक, ड्रिप सिंचाई और जैविक तरीकों से यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से किसान कम जमीन में भी ज्यादा कमाई कर सकते हैं।

ओडिशा के खोर्धा ज़िले में पहली बार ऑर्गेनिक स्ट्रॉबेरी की सफल खेती ने खेती की पारंपरिक सोच को बदल दिया है। यहाँ के किसानों ने वैज्ञानिक तकनीक, ड्रिप सिंचाई और जैविक तरीकों से यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से किसान कम जमीन में भी ज्यादा कमाई कर सकते हैं।