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पीएम किसान और सोलर पंप समेत इन 11 योजनाओं में जानिए कितना आवंटित हुआ बजट

मौजूदा बजट में सरकार ने सोलर पंप योजना के लिए कितना बजट आवंटित किया है?, कितने करोड़ रुपए पीएम किसान योजना को मिले हैं और कितने रुपयों से एफपीओ की होगी मदद? जानिए कृषि और किसान से जुड़ी 11 योजनाओं में सरकार ने कितना पैसा आवंटित किया है

Arvind ShuklaArvind Shukla   5 Feb 2021 6:24 AM GMT

पीएम किसान और सोलर पंप समेत इन 11 योजनाओं में जानिए कितना आवंटित हुआ बजटआम बजट 2021-22 में कृषि और उससे जुड़े सेक्टर के लिए किस मद में कितना रुपए आवंटित किया गया है,जानिए

सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा और भविष्य की योजनाएं कैसी हैं इसकी झलक सरकार के आम बजट में दिखती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपना 9वां बजट गांव और किसानों का बताया है,लेकिन विपक्ष और कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान इसे कॉरपोरेट का बजट बता रहे हैं।

गांव कनेक्शन आपको आम बजट में कृषि और उससे जुड़े सेक्टर के लिए आवंटित योजनाओं में से 11 का लेखाजोखा बता रहा हैं। इसमे मौजूदा वित्त वर्ष का बजट और संशोधित अनुमान और पिछले वित्त वर्ष की बजट घोषणाओं के आंकड़े हैं। कृषि एवं उससे जुड़े सेक्टर के लिए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट अनुमान 148,301 करोड़ रुपए का है। जबकि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ये बजट 154,775 करोड़ रुपए का था, इसे संशोधित अनुमानों में घटाकर 145,355 करोड़ रुपए कर दिया गया था। इससे पहले साल 2019-20 में केंद्र सरकार ने कृषि पर 112,452 करोड़ रुपए ख़र्च किया था।

1.एग्रीकल्चर इंफ्रास्टैक्टर फंड (कृषि अवसंरचना निधि) का बजट 900 करोड़ रुपए है। इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 के संशोधित अनुमानों में इस मद में 208 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।

इस मद के लिए पैसे का इंतज़ाम पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाकर किया जाएगा। इस एक लाख करोड़ के एग्री इंफ्रा फंड से मंडियों में इंफ्रास्ट्रैक्टर, एफपीओ का निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), सहकारी समितियों और स्टॉर्टअप को कृषि और उससे जुड़े बिज़नेस आदि में आगे बढ़ाने के लिए सहायता दी जाएगी।

2.प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) के लिए इस बार 65,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है जो 2020-21 के बजट में 75,000 करोड़ था। वित्त वर्ष 2020-21 के संशोधित अनुमानों में भी ये रकम 65,000 करोड़ रुपए ही थी। इसी मद से देश में छोटे और मंझोले किसानों को साल में 6,000 रुपए की आर्थिक मदद की जाती है।

3. एफपीओ (किसान उत्पादक समूह) को बनाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इस बजट में 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, 2020-21 में ये राशि 500 करोड़ रुपए थी, जिसे संशोधित अनुमानों में घटाकर 250 करोड़ रुपए कर दिया गया था। सरकार एफपीओ को 1 लाख करोड़ के एग्री इंफ्रा फंड से भी मदद की बात कर रही है।

3.फसल विज्ञान के लिए 708 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, इससे पहले वाले बजट यानि 2020-21 में 716 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे जिसे संशोधित अनुमानों में घटाकर 612 करोड़ रुपए कर दिया गया। 2019-20 में इस मद में 635 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

4.फसल अवशेष प्रबंधन और मशीनीकरण (Promotion of Agricultural Mechanization for in-situ Management) के लिए मौजूदा बजट में 700 करोड़ रुपए का आवटंन किया गया है। जबकि 2020-21 के बजट में ये आवंटन 600 करोड़ था जो संशोधित अनुमानों में भी समान ही रहा। ये योजना मुख्य रूप से पराली प्रबंधन के लिए है। योजना के तहत किसानों और किसानों के समूहों को बैंक, फार्म मशीनरी बेहद कम दरों पर उपलब्ध कराता है।

5. प्रधानमंत्री किसान सम्मदा योजना के लिए इस बार 700 करोड़ रुपए आवंटित किए गए, 2020-21 में ये बजट 1,081 करोड़ रुपए था जिसे संशोधित अनुमानों में 750 करोड़ रुपए कर दिया गया। 2019-20 में इस मद में 819 करोड़ रुपए ख़र्च किए गए थे। किसान सम्पदा योजना के तहत विभिन्न योजनाओं को शामिल कर कृषि को उन्नत बनाना, ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार के अवसर पैदा करना। फ्रूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना, और कृषि क्षेत्र में होने वाले नुकसान को कम करने करने के प्रयास शामिल हैं।


6.सोलर पावर आधारित कुसुम योजना किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान का बजट 776 करोड है, 2020-21 में ये बजट 700 करोड़ और जिसे संशोधित अनुमानों में 180 करोड़ रुपए कर दिया गया था।

7.केंद्रीय रेशम बोर्ड का 2021-22 का बजट 875 करोड़ है। 2020-21 में ये बजट 800 करोड़ रुपए था, जिसे संशोधित अनुमानों में कम करके 650 करोड़ रुपए कर दिया गया।

8. उर्वरक सब्सिडी के लिए 2021-22 के लिए 79,530 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जबकि 2020-21 के संशोधिक अनुमानों में ये रकम 133,947 करोड़ रुपए थी। यानि उर्वरक सब्सिडी कम हो गई है।

9.प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 11,588 रुपए आवंटित किए गए हैं, जबकि 2020-21 में इसका बजट 11,127 करोड़ रुपए था जो संशोधित अनुमानों में घटाकर 7,954 करोड़ रुपए कर दिया गया।

10.बाजार हस्तक्षेप योजना और मूल्य समर्थन योजना यानि (MIS-PSS) का बजट 2021-22 में 1,501 करोड़ है जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में ये बजट 2,000 करोड़ रुपए था। संशोधित अनुमानों में इसे 996 करोड़ किया गया। वित्त वर्ष 2019-20 में इस योजना पर वास्तविक ख़र्च 2,005 करोड़ रुपए हुआ था।

11.फसल बीमा योजना का इस बजट में आवंटन 16,000 करोड़ रुपए है जबकि 2020-21 में ये 15,695 करोड़ था जो संशोधित अनुमानों में 15,307 करोड़ रुपए था।

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