बिना चढ़ावे नहीं मिलता आढ़त का लाइसेंस

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लखनऊ। “पिछले तीन वर्षों से आम का निर्यात कर रहा हूं, लेकिन राज्य मंडी परिषद ने मुझे अब तक आढ़त का लाइसेंस नहीं दिया। इससे आम निर्यात में मिलने वाली सब्सिडी नहीं मिल पर रही है।’’ हुदा इंटरनेशनल कम्पनी के मालिक सईद खान ने कहा। 

उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) की ओर से केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा में आयोजित बायर सेलर मीट में उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2010 से आम का निर्यात कर रहे हैं, वर्ष 2011 और 2015 को मिलाकर अब तक करीब 30 टन आम का निर्यात रियाद, सऊदी अरब और जेद्दा को कर चुके हैं।

प्रदेश सरकार आम निर्यात के रूप में हवाई और समुद्री मार्ग भाड़ा और ब्रांड प्रमोशन के रूप में 25 टन तक निर्यात के लिए 26 रुपए प्रति किलो का अनुदान देती है। लेकिन आढ़त का लाइसेंस नहीं होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि मलिहाबाद में आढ़त के लाइसेंस के लिए पांच वर्ष पहले आवेदन किया था।

लाइसेंस के लिए नवीन मंडी सीतापुर रोड कार्यालय से लेकर मंडी परिषद के बड़े अफसरों से भी मिल चुके हैं, लेकिन अब तक लाइसेंस नहीं मिला। कार्यक्रम में आजमगढ़ के सुनील राय ने बताया कि उन्होंने मंडी परिषद का लाइसेंस बनवाने के लिए अपने क्षेत्रीय सांसद मुलायम सिंह यादव से चिट्ठी लिखवाई, उसके बावजूद बिना चढ़ावा चढ़ाए लाइसेंस नहीं दिया गया।

आम निर्यातक अकरम बेग ने भी बताया कि लाइसेंस लेने की पूरी औपचारिकता पूरी करने के साथ ही अधिकारियों से सिफारिशें कराईं। इसके बाद भी लाइसेंस नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बाहरी निर्यातकों के पते पर लाइसेंस लेना पड़ता है।

रिपोर्टर - लेखराम मौर्य   

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