असलहा आ रहा हैं, शराब आ रही है, चुनाव आ रहा है...

असलहा आ रहा हैं, शराब आ रही है, चुनाव आ रहा है...यूपी के विभिन्न हिस्सों में पकड़े गए हथियार औरशराब।

अश्वनी निगम/अरविंद शुक्ला

लखनऊ/ मथुरा। विधानसभा चुनाव को कई नेता असलहों, शराब और नोटों के सहारे जीतना चाहते हैं। यूपी में नेपाल और बिहार के बार्डर से लेकर पंजाब से लगी सीमाओं तक हथियार पकड़े जा रहे हैं। अकेले सोमवार के दिन ही पुलिस ने विभिन्न इलाकों से सवा सौ से ज्यादा अवैध हथियार, सैकड़ों लीटर शराब और लाखों रुपये की नगदी बरामद की है।

विधानसभा चुनावों में खनल डालने के लिए बिहार और नेपास से भारी मात्रा में असलहे यूपी और यूपी के रास्ते पंजाब पहुंचाए जा रहे हैं। मथुरा पुलिस ने बिहार के मुंगेर के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में असलहे बरामद किए हैं। तो रविवार को मथुरा से करीब 900 किलोमीटर दूर बिहार-यूपी बार्डर के पास कुशीनगर में आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बड़ी कामयाबी मिली थी। एटीएस ने यहां देशभर में हथियार पहुंचाने वाले बड़े गिरोह को गिरफ्तार कर 15 देसी पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद की थी। बिहार के मुंगेर जिले अवैध हथियारों की मंडी कहा जाता है। यहीं से पूरे पूर्वी भारत में हथियार भेजे जाते हैं।

मथुरा में बदमाशों से बरामद हथियार।

यूपी एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया, '’चुनाव के समय अवैध हथियारों की मांग बढ़ जाती है। बिहार और नेपाल के कई गिरोह प्रदेश के अपराधियों से संपर्क कर हथियार बेचने की फिराक में हैं। मुखबिर की सूचना पर कुशीनगर के थाना सीमा स्थित तरयासुजान में बिहार से आ रही कार से हथियार बरामद किए गए। बदमाशों ने माना कि वो ऊंची कीमत पर यहां हथियार बेचने वाले थे।” बिहार के साथ यूपी के कई इलाकों में अवैध हथियार का निर्माण और कारोबार होता है। आजमगढ़ में अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी गई है।

मुंगेर से लाकर हथियार यूपी और पंजाब भेजे जा रहे थे।

आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज किए तो सिर्फ बिहार बार्डर ही नहीं प्रदेश के कई जिलों लगातार हथियार पकड़े जा रहे हैं। एटीएस, एसटीएफ और पुलिस ने अपना जाल बार्डर पर बिछाया है लेकिन कई गैंग चकमा देकर पंजाब तक पहुंचने में लगे हैं, हथियारों के गोरखधंधे से जुड़े लोगों का मानना है, पश्चिमी यूपी और पंजाब में अच्छे रेट मिलते हैं इसलिए उन इलाकों ज्यादा मामले पकड़े जा रहे हैं। मथुरा पुलिस ने उनके जिले में पकड़े गए राजा मुंगेरी बदमाश के गुर्गे ये असलहे यूपी, पंजाब और दिल्ली में बेचने वाले थे।

असलहों के साथ भारी मात्रा में नगदी भी पकड़ी जा रही है, पिछले एक हफ्ते में लखनऊ से लेकर हाथरस तक करोड़ों रुपये की नगदी चेकिंग के दौरान कारों से बरामद हो चुकी है। पकड़े गए आरोपी इन रुपये को हिसाब नहीं दे पाए। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का शक है कि ये पैसे चुनाव में खर्च होने थे। चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को सिर्फ 28 लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय की है। जबकि नगद खर्च में वो सिर्फ 20 हजार रुपये प्रतिदिन ही कर सकेंगे।

असलहा और नोटों के साथ ही मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब की तस्करी भी हो रही है। पश्चिमी यूपी के शामली जिले में झिंगना पुलिस कच्ची शराब की कई भट्टियां पकड़कर हजारों लीटर शराब बरामद की है। पश्चिमी यूपी में यमुना के खादर में पिछले वर्ष भी सैकड़ों भट्टियां पकड़ी गई थीं।

पुलिस की गिरफ्तर में शराब तस्कर।

उत्तर प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद के निर्देश पर पुलिस पूरे पद्रेश में चेकिंग अभियान भी चला रही है। साथ ही प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और बाहर के प्रदेशों से आने वाले एंट्री प्वाइंट और टो ब्रिज पर चेकिंग चलाया जा रहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने विभिन्न वाहनों की जांच में 102 अवैध हथियार और 195 कारतूस बरामद किया। इसमें भी गिरफ्तार अपराधियों ने कबूल किया कि चनुाव में इन हाथियारों का उपयोग करने लिए वह इनको इकट्ठा कर रहे थे।

मुंगेर हैं हथियारों की अवैध मंडी

बिहार का मुंगेर जिला अवैध हथियार की मंडी कहा जाता है। पकड़े गए बदमाशों के मुताबिक यहां कि फैक्ट्रियों में बने हथियार भागलपुर वाया गोरखपुर और कुशीनगर के रास्ते यूपी में तस्करी होते हैं। लखनऊ और इसके आसपास के जिले भी इन अवैध हथियारों के कारोबारियों के निशाने पर हैं। एटीएस के आईजी ने कहा, “उत्तर प्रदेश पुलिस खासकर एटीएस इन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह तैयार है। किसी भी कीमत पर हथियारों का कारोबार करने वाले अपराधियों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे।” असीम अरुण ने बताया कि एटीएस टीम प्रदेश के हर जिले में सभी संदिग्ध लोगों पर निगरानी रख रही है। साथ ही भारत-नेपाल सीमा और बिहार के सीमावर्ती जिले में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

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