आठ साल की बच्ची टीचर बनना चाहती थी, हुई दरिंदगी का शिकार

बड़ी होकर टीचर बनने की चाह रखने वाली तनु को बड़ा होने का मौक़ा ही नहीं मिला जब दरिंदे ने पहले उसका बचपन और फ़िर उसकी ज़िंदगी छीन ली। तनु के नाना को तेज़ बुखार है और माँ-बाप सदमे में हैं। माँ तो अभी भी आने-जाने वाले से एक ही गुहार लगा रही है, "कोई वापस ले आओ हमारी बच्ची को!"

Jigyasa MishraJigyasa Mishra   30 Oct 2018 12:23 PM GMT

आठ साल की बच्ची टीचर बनना चाहती थी, हुई दरिंदगी का शिकार

लखनऊ। घर के बाहर पुलिस की गाड़ियां और अंदर बस्ती वालों की भीड़। सबके सवालों के बीच अपनी मासूम बच्ची को ढूंढ़ती एक माँ की आवाज़ सुनाई देती है, "सुबह अच्छी भली पढ़ने गयी थी, कहती थी मैडम बनूंगी। लेकिन उसको तो मार दिया। वापस ले आओ मेरी बेटी को।" चीखते हुए इतना कहकर आठ साल की मृत बच्ची की माँ पास में ही पड़े तख़त पर गिर गयी और फ़ूट-फ़ूट कर रोने लगी। रो-रो कर गाला बैठ चुका था और शब्द बड़ी मुश्किल से निकल रहे थे।

27 अक्टूबर की रात आठ साल की तनु (बदला हुआ नाम) ठाकुरगंज स्थित अपने घर से निकली थी और अगली सुबह क्रिकेट खेलते बच्चों को उसकी लाश मिली। " रात भर अभिभावकों ने बच्ची को ढूंढा और सुबह करीब सात बजे आकर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई जिसके तीन-चार घंटे बाद उसकी लाश सड़क किनारे झाड़ियों से बरामद हुई।" ठाकुरगंज थाना इंस्पेक्टर, अंजनी कुमार पांडेय ने बताया।

जम्मू कश्मीर की आठ साल की आसिफ़ा के साथ हुई हैवानियत और साबरकंथा में हुई मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के बाद एक बार फिर रेप शब्द का मतलब भी न समझ पाने वाली आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर क़त्ल का मामला सामने आया है। 29 अक्टूबर को कुछ युवाओं, छात्रों और नारीवादी विचार रखने वाले लोगों ने घंटाघर पर इकठ्ठा होकर इस मामले पर जल्द सुनवाई के लिए प्रदर्शन और नारेबाजी भी की।

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तनु ठाकुरगंज के बंधा रोड से सटे गऊ-घाट के एक बस्ती में अपने माता-पिता, नाना और मामा के साथ रहती थी। तनु को पढ़ना अच्छा लगता था और वह पास के स्कूल में पढ़ती थी। तनु के पिता और मामा इसी मुस्लिम बस्ती में सब्ज़ी बेचने का काम करते हैं। बच्ची के नाना और पिता अभी भी सदमे में हैं और उनकी सेहत नासाज़ है।

मृतक बच्ची का घर

तनु के मामा ने बताया, " हम लोग सब्जी बेचने गए थे, इस बीच शायद तनु घर से बाहर निकल गई होगी। देर रात पता चला कि वो लापता है। हम लोगों ने रात में उसे तलाश किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अगली सुबह हम लोगों ने मामले की जानकारी थाने में दी।"

बॉल ढूंढ़ने गए तो लाश मिली

तनु के पड़ोस में रहने वाला मोहम्मद अली (12 वर्ष) रविवार सुबह क्रिकेट खेलने गया था। मोहम्मद ने बताया, " हम लोग बंधे पर क्रिकेट खेलने गए थे। खेल के दौरान हमारी बॉल झाड़ियों में चली गई तो उसे ढूंढ़ने हम लोग झाड़ी की तरफ गए। वहां हमने तनु का शव देखा। पास में उसकी चप्पल भी पड़ी थी। हम लोगों ने तुरंत ये बातें बस्ती में जाकर लोगों को बताई।

गौ-घाट चौकी अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया, " मामले की जानकारी होते ही हम लोग मौके पर पहुंच गए थे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया बच्ची के सिर पर किसी चीज से हमला कर फिर गला घोंट कर ह्त्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने बाद ही कुछ कहा जा सकता है।"

धारा 376 के साथ पोक्सो सेक्शन तीन और चार की बढ़ोत्तरी

मामले की जांच कर रहे अंजनी कुमार पांडेय ने पुष्टि करते हुए कहा, "शव मिलने पर पहले सिर्फ धारा 376 लगाई गयी थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पोक्सो सेक्शन तीन और चार की बढ़ोत्तरी की गयी है।"

पड़ोस में ही पनपती रही हैवानियत

तनु के पिता ने ठाकुरगंज थाने में पड़ोस के एक व्यक्ति पर उसकी बच्ची के साथ रेप और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। तनु के पड़ोसी मोहम्मद हारुल ने बताया, " हम लोगों को मोहल्ले में ही रहने वाले एक व्यक्ति पर शक है कि वारदात को उसी ने अंजाम दिया है। मृतका के पिता ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है।"

साल भर में कई मामले सामने आ चुके हैं जिसमें नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या कर दी गयी है। बड़ी होकर टीचर बनने की चाह रखने वाली तनु को बड़ा होने का मौक़ा ही नहीं मिला जब दरिंदे ने पहले उसका बचपन और फ़िर उसकी ज़िंदगी छीन ली। तनु के नाना को तेज़ बुखार है और माँ-बाप सदमे में हैं। माँ तो अभी भी आने-जाने वाले से एक ही गुहार लगा रही है, "कोई वापस ले आओ हमारी बच्ची को!"

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