मदरसा यौन शोषण मामला: ‘दुष्कर्म के बाद खिला देते थे नशे की गोलियां’

Neetu SinghNeetu Singh   31 Dec 2017 7:59 PM GMT

मदरसा यौन शोषण मामला: ‘दुष्कर्म के बाद खिला देते थे नशे की गोलियां’लखनऊ में नारी निकेतन गेट के अंदर छात्राओं के परिजन।                      फोटो: विनय गुप्ता

लखनऊ। कहीं पढ़ाई रुक न जाए इसलिए मदरसे की लड़कियां अपने ऊपर होने वाले अत्याचार और यौन हिंसा को बर्दाश्त करती गईं। इसी का फायदा उठाकर मदरसे के संचालक उन्हें दुष्कर्म के बाद नशें की गोलियां खिलाता था, पैर दबवाता था। सआदतगंज में मदरसे से छुड़ाई गईं कुछ छात्राओं से जब ‘गाँव कनेक्शन’ ने बात की तो कहानी डेरा सच्चा सौदा जैसी ही दिखी। मदरसा संचालक एक लड़की से किसी दूसरी को बुलवाता था और उसके बाद बुलाने वाली लड़की को भेज देता था।

मदरसे की छात्रा ने ‘गाँव कनेक्शन’ से बताया, "मेरे साथ गलत काम हुआ, उसके बाद मुझे दवा खिला दी थी। किसी भी लड़की को बुलाने के लिए मुझे ही कहा जाता था। इसके बाद मुझे दूसरे कामों में लगा दिया जाता। इससे पहले भी जो लड़कियां गईं थीं, उनके साथ भी यही हुआ होगा।"

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लखनऊ के सआदतगंज स्थित एक मदरसे से 52 लड़कियों को शनिवार को नारी निकेतन में रखने के बाद मेडिकल के लिए भी ले जाया गया। ‘गाँव कनेक्शन’ को एक छात्रा ने बताया, "छोटी सी गलती हो जाती तो वो बहुत मारते। घर पर कभी इसलिए नहीं बताया, अगर पता चल जाता तो और मारते। पेट पर गंदी तरह से लात भी मारते थे।"

लड़की जात है तो बदनामी होती

अपनी भतीजी से मिलने के लिए नारी निकेतन के बाहर खड़ी एक महिला ने बताया, “हमारी भतीजी वहां पढ़ती थी, उसने कई बार बताया कि हाफिज़ जी बहुत गंदे तरीके से मारते हैं। वो हमारे पेट पर लात रख देते हैं, उन्हें मारने का बस एक बहाना चाहिए,” आगे कहा, ''अगर अपने भाइयों को बता देती तो उसकी पढ़ाई बंद हो जाती, लड़की जात है तो बदनामी होती। इसीलिए कभी किसी से जिक्र नहीं किया।"

लड़कियों की काउंसिलिंग जारी

मदरसे से छुड़ाई गईं लड़कियों की आशा ज्योति केन्द्र की काउंसलर लगातार काउंसलिंग कर रही हैं। जिन लड़कियों के घरवाले आ गए हैं, उन्हें घर भेजा जा रहा है। मदरसे की लड़कियों की काउंसलिंग कर रही आशा ज्योति केंद्र की प्रमुख अर्चना सिंह ने बताया, “लड़कियां बहुत घबराई हुई हैं, 15 काउंसलर लगातार काउंसलिंग कर रही हैं, कई तरह की बातें निकल कर आई हैं।”

अर्चना आगे बताती हैं, "लड़कियों ने कहा कि उन पर बहुत निगरानी रखी जाती थी, फोन पर जब घरवालों से बात करते तो रिकॉर्डिंग ऑन रहती थी। जिससे हम शिकायत न कर सकें। दो-तीन के साथ रेप हुआ, कुछ के साथ छेड़खानी हुई। वहां की एक महिला शिक्षक ने बताया कि हमें भी लड़कियों से नहीं मिलने देते थे।"

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

वहीं, देर शाम पीड़ित छात्राओं से मिलने पहुंची महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, "ज्यादातर लड़कियां गरीब घरों से हैं। भविष्य में उनकी इच्छा पर बेहतर पढ़ाई के लिए अच्छे संस्थानों में दाखिला कराने का पूरा इंतजाम किया जाएगा। साथ ही, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।"

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