राजस्थान की सांभर झील में बर्ड फ्लू संक्रमण से हुई 70 से अधिक कौओं की मौत

राजस्थान के जयपुर में बर्ड फ्लू से पिछले 5 दिनों में 70 से अधिक कौओं की मौत हो गई है।

Divendra SinghDivendra Singh   25 Nov 2021 10:22 AM GMT

राजस्थान की सांभर झील में बर्ड फ्लू संक्रमण से हुई 70 से अधिक कौओं की मौत

पिछले पांच दिनों में 70 से अधिक कौओं की मौत हुई है। सभी फोटो: पिक्साबे

एक बार फिर बर्ड फ्लू का खतरा मंडराने लगा है, राजस्थान के जयपुर में स्थित सांभर झील के पास कई कौओं की मौत हो गई है, जिनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।

पशुपालन विभाग, जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ प्रवीण कुमार बताते हैं, "19 नवंबर को सांभर झील के पास कौओं के मरने की जानकारी मिली थी, कौओं के मौत का कारण पता करने के लिए सैंपल मध्य प्रदेश में भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भेजे गए थे, जहां से रिपोर्ट आ गई है, जिसके अनुसार इनकी मौत बर्ड फ्लू की वजह से ही हुई है।"

सांभर झील में इस समय प्रवासी पक्षी आते हैं, विशेषज्ञों के अनुसार इन्हीं के जरिए बर्ड फ्लू कौओं में फैला होगा। डॉ प्रवीण आगे कहते हैं, "अब तक 70 ज्यादा कौओं की मौत हुई, हमने इसके प्रसार को रोकने के लिए रोकथाम शुरू कर दिया है। पूरे एरिया को सेनिटाइज कर दिया गया है, जहां पर कौओं की मौत हुई है।"

बर्ड फ्लू कंफर्म होने के कारण सांभर झील में इस साल अच्छी संख्या में आए प्रवासी पक्षियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार H5N1 एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है जो एवियन इन्फ्लूएंजा (या "बर्ड फ्लू") नामक पक्षियों में एक अत्यधिक संक्रामक, गंभीर श्वसन रोग का कारण बनता है। H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा से इंसानों में संक्रमण के मामले कभी-कभी होते हैं, लेकिन एक इंसान से दूसरे इंसान में संक्रमण मुश्किल होता है। अगर कोई इंसान एवियन इन्फ्लूएंजा सें संक्रमित हो गया तो मृत्यु दर लगभग 60% होती है।

बर्ड फ्लू कंफर्म होने के कारण सांभर झील में इस साल अच्छी संख्या में आए प्रवासी पक्षियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इसी साल जनवरी महीने में12 राज्यों (मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू व कश्मीर और पंजाब) में एविएन फ़्लू (बर्ड फ़्लू) के प्रकोप की पुष्टि हुई थी।

इसके प्रसार को रोकने के लिए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में मुर्गियों और बतखों को मार दिया गया था।

पोल्ट्री पक्षियों को मारने के बाद पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने मुआवजा राशि निर्धारित की है, जिसमें लेयर मुर्गी के चूजों के 20 रुपए, बड़ी मुर्गियों के लिए 90 रुपए, ब्रायलर मुर्गियों के चूजों के 20 रुपए, बड़ी ब्रायलर मुर्गी के 70 रुपए, बटेर के चूजों के पांच रुपए, बड़े बटेर के 10 रुपए, बतख के चूजों के 35 रुपए, बड़ी बतख के 135 रुपए, गिनी फाउल के चूजों के 20 रुपए, बड़ी गिनी फाउल के 90 रुपए, टर्की के चूजों के 60 रुपए और बड़ी टर्की के 160 रुपए। अंडों को नष्ट करने पर प्रति अंडा तीन रुपए और पोल्ट्री फीड को नष्ट करने पर 12 रुपए प्रति किलो निर्धारित किए गए हैं।

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