महाराष्ट्र मेें इस ऐप के माध्यम से बाल तस्करी रोकने की उम्मीद

महाराष्ट्र मेें इस ऐप के माध्यम से  बाल तस्करी रोकने की उम्मीदबच्चों के साथ शोषण को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने लॅाच किया ऐप ।

लखनऊ। बच्चो का शोषण तो पूरे देश में हो रहा है लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने बाल तस्करी को रोकने के लिये एक सख्त कदम उठाया है। बच्चों के साथ शोषण को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐप लॅाच किया है। हालाकि इस ऐप को पिछले साल ही लांच किया जा चुका है लेकिन किसी कारण वश इस ऐप की सुविधाएं शुरू नहीं की जा सकी थी। इस हफ्ते इस ऐप की री लांचिंग की जा रही है। जो बच्चे सड़कों पर, बस स्टाप या रेलवे स्टेशन ऐसी जगह पर दिखाई देते है इस ऐप के जरिये उनकी जानकारी दी जा सकती है या जिन बच्चों का शोषण हो रहा है इस ऐप के जरिये शिकायत भी दर्ज की जा सकेगी। ताकि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत कार्यवाही की जा सके। चिराग नाम का ऐप बाल अधिकार संरक्षण (एमएसपीसीआर) के लिए महाराष्ट्र राज्य आयोग के माध्यम से समर्थित है।

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पिछले ही साल लॉच हाे चुका है चिराग

पिछले साल महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने चिराग ऐप को लांच किया था। आर्थिक समस्या दूर होते ही लोगों को ज्यादा से ज्यादा इस ऐप के माध्यम से जागरुक करने के लिये इस हफ‍्ते दुबारा इस ऐप को लांच किया गया।

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक मुंडे ने बताया कि बच्चों के अधिकारों को उनके घरों में ही दबा दिया जाता है। उनकी आवाज उनके जानने वाले ही दबा देते है। चिराग एक माध्यम है ऐसे बच्चों को उनका अधिकार दिलाने का। इस ऐप पर अगर कोई भी शिकायत दर्ज कराता है तो शिकायत मिलते ही उस मामले की तुरंत जांच शुरू की जायेगी।

सेव द चिल्ड्रेन द्वारा ऐप की प्रकिया को अपनाया जायेगा

वेब साइट द बेटर इंडिया के अनुसार ऐप द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया, एनजीओ सेव द चिल्ड्रेन द्वारा अपनाई गई है जो विश्व में बच्चों की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही है। कमजोर बच्चों की रक्षा के लिये राज्य सरकार ने बेहतर संसाधन और धन की उपलब्धता कराने का आश्वासन दिया है।

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मुंडे ने बताया, "हम उस ऐप की निगरानी के लिए योग्य कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए आवश्यक धन उपलब्ध करा रहे है जिससे जल्द ही कर्मचारियों की नियुक्ति हो और शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई कर सकें।" ऐप के मुताबिक अगर आपको कोई ऐसा बच्चा मिलता है जो गली-कूचे में रहता है तो उसके लिये आप चाइल्ड हेल्प लाइन नं.1098 पर कॅाल कर सकते है या जो लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते है वो ऐप के जिरये जानकारी दे सकते है तत्काल कार्यवाही की जायेगी।

अगर कोई बच्चा आपको गली-कूचे में मिलता है ऐप के माध्यम से अधिकारियों को सूचित करें।

उदाहरण के तौर पर अगर कोई बच्चा आपको गली-कूचे में मिलता है तो नागरिक ऐप के माध्यम से बच्चा मिलने के स्थान के आस-पास के अधिकारियों को सूचित कर सकते है। अगर कोई बच्चा रेलवे स्टेशन पर मिलता है ऐप उपयोगकर्ता ऐप के माध्यम से पुलिस को जानकारी दे सकेंगे ताकि तुरंत कार्यवाही की जा सके।

मॉल, स्टोर या सार्वजनिक स्थानों पर पाये जाने वाले बच्चों के लिए ऐप अपने विभाग को जानकारी देगा ताकि उन बच्चों को तुरंत मदद मिल सके। ऐप के माध्यम से शारीरिक शोषण, शारीरिक दंड आदि की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जो लोग इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे है वो अगर चाहें तो वर्तमान बाल संरक्षण के बारें में जान सकते है और बाल संरक्षण में काम कर रहे अधिकारियों की एक निर्देशिका प्राप्त कर सकते है। इस ऐप की मदद से 2020 तक राज्य को बाल तस्करी से मुक्त करने की उम्मीद है।

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