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भदोही पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट- 17 साल की नाबालिग की डूबने से हुई मौत, लेकिन परिजनों को इस 'थ्योरी' पर यकीन नहीं

यूपी के भदोही जिले में 17 साल की एक गुमशुदा नाबालिग लड़की का शव मिला, ग्रामीणों के मुताबिक बच्चे की बदन पर कपड़े नहीं थे, परिजन रेप की आशंका जता रहे हैं लेकिन दूसरी बार के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पुलिस ने मौत की वजह डूबना बताया, पढ़िए क्या है पूरा मामला

Mithilesh DharMithilesh Dhar   20 Aug 2020 4:00 PM GMT

भदोही, रेप, नाबालिग, Bhadohi, rapeपरिजन और ग्रामीणों में अभी भी है आक्रोश। (प्रतिकात्मक तस्वीर)

भदोही (उत्तर प्रदेश)। "वह अपनी छोटी बहन के साथ भैंस चराने गई थी। छोटी बहन खाना-खाने घर चली आई। जब वह वापस गई तो वो वहां नहीं मिली। और अब दो दिन बाद मिली भी तो उसकी लाश।" 17 साल की नाबालिग नेहा (बदला हुआ नाम) के बड़े पिता कहते हैं।

मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 250 किमी दूर प्रयागराज और वाराणसी के मध्य बसे भदोही जिले का है। एक नाबालिग लड़की गायब हो जाती है और दो दिन बाद उसका शव मिलता है। पुलिस और पोस्टमार्ट के अनुसार लड़की की मौत पानी में डूबने से हुई, जबकि परिजन और गांव के लोगों का कहना है कि गैंगरेप हुआ है।

जानिए क्या है पूरा मामला

भदोही कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में रहने वाली नेहा सोमवार 17 अगस्त को घर से कुछ दूर भैंस चराने गयी थी। घर से यही कुछ एक किलोमीटर दूर, वरुणा नदी के किनारे। दोपहर के दो-ढाई बज रहे थे। साथ में गई 10 साल की छोटी बहन को भूख लगती है और वह घर खाना खाने वापस घर चली आती है। कुछ देर बाद जब वह वापस भैंस चराने जाती है तो वहां नेहा नहीं मिलती।

वह भागकर घर आती है और परिजनों को सूचना देती है। परिजन मौके पर पहुंचते हैं। तलाश शुरू होती है। नेहा नहीं मिलती। परिजन 112 पर फोन करके पुलिस बुलाते हैं। पुलिस भी रात तक लड़की को ढूंढने का प्रयास करती है (पुलिस के अनुसार)। 18 अगस्त को गुमशुदगी का मामला दर्ज होता है, परिजनों के अनुसार लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

आशंका से भरे नाराज परिजन और ग्रामीण भदोही-जौनपुर मार्ग को जाम कर देते हैं। मौके पर पहुंचे भदोही सीओ (पुलिस उपाधीक्षक) ने लोगों को समझाबुझाकर वापस भेजा और जाम खुलवाआ। इधर ग्रामीण और परिजन नदी छान मारते हैं, लेकिन शव नहीं मिलता। परिजनों को शंका था कि कहीं नेहा पानी डूब तो नहीं गई।

एक दिन और बीतता है। 19 अगस्त बुधवार को सुबह पता चलता है कि घर से कुछ दूरी पर नदी में किसी लड़की का क्षत विक्षत शव मिला है। नेहा जहां भैंस चराने गई थी उससे कुछ ही दूरी पर। शव की पहचान नेहा के रूप में हुई। जहां शव मिला वो जौनपुर जिले की सीमा शुुरु हो जाती है दोनों जिलों की पुलिस मौके पर पहुंचती है फिर कार्रवाई का जिम्मा भदोही पुलिस को मिलता है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नेहा के शरीर पर नाम मात्र के कपड़े थे और उसके कान से रक्त स्त्राव हो रहा था। शव जला और फूला हुआ था। जिस क्षेत्र में शव मिला, वहां एक दिन पहले तलाशी की गई थी। परिजन और ग्रामीणों के ये बयान और आशंका किसी साजिश की तरफ इशारा करते हैं।

पुलिस की भूमिका और बदलते बयान

नेहा के गायब होने पर परिजनों ने दो लोगों पर शंका जाहिर किया। पुलिस ने 18 अगस्त को दोनों को गिरफ्तार किया। परिजनों के मुताबिक जब छोटी बहन खाना-खाकर वापस जाती है तो ये दोनों लोग वहीं मौजूद थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद 19 अगस्त की सुबह दोनों को छोड़ दिया।

शव मिलने की सूचना पर मौके पर भदोही एसपी (पुलिस अधीक्षक) रामबदन सिंह भी पहुंचते हैं। मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया, "परिजनों ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने धारा 363 के तहत मामला दर्ज किया। संदेह के आधार पर पूछताछ और खोजबीन हुई।"

पुलिस अधीक्षक का पहला बयान

पुलिस अधीक्षक का बयान, पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद

पुलिस अधीक्षक का बयान, दूसरे पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद

शव देखने के बाद आपको क्या लगता है, इस सवाल के जवाब में पुलिस अधीक्षक कहते हैं, "शव की जो स्थिति है उसे देखकर तो यही लग रहा है कि हत्या हुई है और बहुत बुरा बर्ताव किया गया है।"

शव को जलाने का भी प्रयास किया गया है, इसके जवाब में वे कहते हैं, "हां, जलाया तो गया है, लेकिन किस चीज से जलाया गया है यह अभी बताना मुश्किल है। पूरा खुलासा पोस्टमार्टम के बाद होगा। रेप के मामले की पुष्टि भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।"

ग्रामीण बता रहे हैं कि शव की जो स्थिति थी, उसके लगता है कि गैंगरेप हुआ है। पुलिस आरोपियों को बचा रही है। भट्ठे के लोगों ने ही रेप किया है।

नेहा के बड़े पिता कहते हैं, "नेहा जहां भैंस चराने गई थी उसके बगल में ईंट-भट्ठा है। घटना के बाद से वहां के लोग गायब हैं। हमने पुलिस को उन्हीं लोगों के नाम दिये हैं। हमारी बेटी का बलात्कार हुआ है।"

गुरुवार 20 अगस्त को सुबह पुलिस पोस्टमार्ट रिपोर्ट जारी करती है जिसके अनुसार नेहा की मौत पानी में डूबने से होना बताया जाता है, जबकि रेप और जले के निशान का कहीं जिक्र नहीं होता है। रिपोर्ट के बाद भदोही पुलिस अधीक्षक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाते हैं जहां वे बताते हैं कि दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्ट किया और उनके अनुसार नेहा की मौत पानी में डूबने से हुई है। जले के निशान के बारे में वे कहते हैं कि डॉक्टर ने बताया कि पानी में बहुत देर तक बॉडी पड़े होने के कारण चेहरा जला-जला से लगने लगता है। पेड़ों में फंसने के कारण शव क्षत विक्षत हो गया।

वे यह भी कहते हैं कि लेकिन परिजन जलने और बलात्कार की आशंका जता रहे थे, इसलिए पांच डॉक्टरों की निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। गुरुवार को देर शाम उसमें भी यही बताया गया नेहा की मौत डूबने से हुई।

दोबारा पोस्टमार्टम होने के बाद पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने बताया, "हमने परिजनों को कहा कि आप जिस जनपद में कहें, हम वहां जांच कराने को तैयार हैं, लेकिन वे यहीं कराने को तैयार हुए। पांच डॉक्टरों की टीम ने जो जांच की है उसके अनुसार बच्ची की मौत डूबने से हुई है। जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले थी, वही अब भी है। जिन पर शक था उसके पीछे हमने लोगों को लगाया था, लेकिन जांच में ऐसा कुछ भी नहीं आया जिससे यह कहा जाये कि बच्ची के साथ रेप या उसकी हत्या हुई है। कैसे डूबी, इसकी कोई जानकारी नहीं है।"

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शव मिलने वाले दिन यानी कि 19 अगस्त को मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा था कि 17 तारीख को खबर मिलते ही दोपहर साढ़े तीन बजे पुलिस मौके पर पहुंच गयी थी और उन्होंने रात बारह बजे तक तलाशी अभियान चलाया था।

इस बारे में हमने भदोही सीओ (पुलिस उपाधीक्षक) भूषण वर्मा से बात की। वे बताते हैं, " 17 अगस्त को परिजनों ने हमें बहुत देर से सूचना दी थी। हमें रात को ग्यारह, साढ़े ग्यारह बजे घटना की सूचना दी गई। हमने रात को भी तलाशी अभियान चलाया। मौके पर गोताखोर भी गये थे। फिर अगले दिन सुबह भी तलाशी हुई। परिजनों ने जिन पर शंका जाहिर की थी उनसे पूछताछ भी की।"

अब पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक के बयान ही अलग-अलग हैं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार तलाशी साढ़े तीन बजे से रात तक की गई, जबकि पुलिस उपाधीक्षक के अनुसार पुलिस को सूचना ही देर रात मिली। दोनों बयानों में विरोधाभास है।

परिजन क्या कह रहे हैं?

परिजन अब भी मानने को तैयार नहीं हैं कि नेहा की मौत डूबने से हुई है। उनका कहना है कि हमारी बेटी की रेप के बाद हत्या हुई है। लड़की के चचेरे भाई ने गांव कनेक्शन से कहा, "बच्ची के शरीर पर कपड़े नहीं थे और जहां उसका शव मिला हमने एक दिन पहले वहां भी उसको ढूंढा थे, लेकिन तब वह वहां नहीं थी। मौके पर एसपी ने भी कहा था कि निर्मम हत्या हुई है। जलाने की बात की भी बात की थी।"

नेहा के एक पड़ोसी बताते हैं, "पुलिस ने इस मामले में गड़बड़ किया है। जहां नेहा का शव मिला वहां तो वह गई भी नहीं थी। भैंस चराने वाली जगह से वह लगभग एक किलोमीटर दूर है वह जगह, जबकि वह जहां भैंस चराने गई थी, वहां से नदी लगभग आधा किलोमीटर दूर है। बच्चे वहां जाते ही नहीं हैं। वह कभी नदी में नहीं नहाई है। हमें इंसाफ नहीं मिला।"

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