हॉक विमान उड़ाने वाली पहली महिला लड़ाकू पायलट बनी फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह

फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह ने पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा वायु सेना अड्डे पर एयरक्राफ्ट की चार सैन्य उड़ान पूरी करने के साथ ही यह उपलब्धि हासिल की।

हॉक विमान उड़ाने वाली पहली महिला लड़ाकू पायलट बनी फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह

लखनऊ। भारतीय वायुसेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह दिन में हॉक एडवांस जेट विमान उड़ाने वाली पहली महिला लड़ाकू पायलट बन गई हैॆ। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार मोहना सिंह ने यह कामयबी गुरूवार को पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा वायुसेना के अड्डे पर हासिल की।

रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर दी जानकारी

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा वायु सेना अड्डे पर एयरक्राफ्ट की चार सैन्य उड़ान पूरी करने के साथ ही दिन में हॉक एडवांस्ड जेट विमान उड़ाने वाली पहली महिला लड़ाकू पायलट बन गईं हैं। ये हॉक जेट के पूरी तरह से संचालन के लिए सिलेबस का आखिरी चरण होता है। इस प्रशक्षिण में हवा से हवा में और हवा से जमीन पर लड़ाकू मिशन के दौरान उड़ान भरना शामिल है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ ने भी रचा था इतिहास

मोहना को 2016 में दो अन्य महिलाओं भावना कांत और अवनी चतुर्वेदी के साथ लड़ाकू पायलट प्रशिक्षण के लिए चुना गया था। कुछ दिन पहले फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ ने इतिहास रचते हुए युद्ध में शामिल होने की योग्यता हासिल करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थी। भावना कंठ ने लड़ाकू विमान मिग 21 को उड़ाकर इस मिशन को पूरा किया था। इसकी जानकारी देते हुए वायुसेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी ने बताया था कि भावना ने दिन में लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इस मिशन में कामयाबी हासिल करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी गई हैं।

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कई प्रकार की ट्रेनिंग से गुजरी हैं फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह ने कई प्रकार की ट्रेनिंग पूरी की है। इनमें रॉकेट, तोप के गोले तथा उच्च क्षमता वाले बमों को गिराना भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने वायु सेना स्तर की उड़ान प्रशक्षिणों में भी भाग लिया है। बयान के अनुसार सिंह के पास 500 घंटे की उड़ान का अनुभव है, जिनमें 380 घंटे हॉक एमके 132 जेट की उड़ान शामिल है। भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह भारतीय वायुसेना के पहले बैच की महिला फाइटर पायलट हैं। इन तीनों को 2016 में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चुना गया था।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस है हॉक विमान

HAWK MK 132 JET चौथी पीढ़ी का अत्याधुनिक जेट ट्रेनर विमान है। यह अत्याधुनिक और एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम प्रणाली से लैस है। हॉक एमके-132 विमान में दो सीटें होती हैं। यह विमान आकाश से आकाश तक मार करने वाली मिसाइल-आकाश से सतह पर दागे जाने वाले राकेट, विस्फोटक और हथियार ढोने में सक्षम है। यह उन्नत विश्वसनीय नौ संचालन प्रणाली से लैस है। HAWK MK 132 JET का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक लिमिटेड(HAL) ने किया है। इसे भारतीय वायुसेना के बेड़े साल 2013 में शामिल किया गया था, तबसे यह विमान भारतीय वायुसेना का अहम अंग बना हुआ है। साल 2018 में HAL ने BAE सिस्टम यूके के साथ एक MOU पर भी हस्ताक्षर किया था। जिसमें HAWK MK 132 JET के अपग्रेडेशन की बात कही गई थी। हाक विमान के पास आसमान से जमीन पर हमला करने और हवाई रक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने की क्षमता है।

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