बेयर और बिग बास्केट ने मिलाया हाथ, कहा बढ़ाएंगे किसानों की आमदनी

बेयर और बिग बास्केट ने मिलाया हाथ, कहा बढ़ाएंगे किसानों की आमदनी

नई दिल्ली।

बेयर और आईएफसी (इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन) की अगुआई में एक वैश्विक गठबंधन ने मंगलवार को भारत में छोटे किसानों की मदद के लिए ई-कॉमर्स फर्म बिग बास्केट के साथ साझेदारी का ऐलान किया है। इसके लिए गठबंधन किसानों को खेती में काम आने वाली विभिन्न वस्तुओं का सही समय पर और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने व उत्पादों को बिक्री के लिए बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करेगा।


इसी साल अप्रैल में, जर्मनी स्थित मशहूर एग्रो केमिकल कंपनी बेयर, आईएफसी, जल प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाली इस्राइली कंपनी नेटाफिम और स्विस रे कॉरपोरेट सॉल्यूशंस ने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में छोटे-छोटे किसानों के लिए अनूठे समाधान सुझाने के लिए 'बेटर लाईफ फार्मिग' गठबंधन की शुरूआत की थी। इस वैश्विक गठबंधन ने अपने काम को बढ़ाने के लिए भारत में स्थानीय भागीदारों- यारा फर्टिलाइजर्स, गांव के शॉपिंग मॉल नाम से मशहूर देहात और बिग बास्केट को भी अपने साथ लिया है।

वर्ष 2016 में भारत में बेटर लाईफ फार्मिग प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी थी। गठबंधन कंपनियों का लक्ष्य 2019 तक लगभग 6,500 छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचने का है। गठबंधन उत्तर प्रदेश और झारखंड के किसानों के साथ काम कर रहा है जो हरी मिर्च और टमाटर उगा रहे हैं। यह मक्का किसानों के लिए भी काम करने की योजना बना रहा है।

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दक्षिण एशिया में बेयर के फसल विज्ञान विभाग के प्रमुख, पीटर आर मुलर ने एक सम्मेलन में कहा, "हम छोटे किसानों की मदद करना चाहते हैं क्योंकि हम मानते हैं कि खाद्य सुरक्षा हासिल करने के लिए उन्हें मजबूत बनाना जरूरी है। साथ ही हम उनकी आजीविका में भी बढ़ोतरी करना चाहते हैं।"

बेयर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक प्रायोगिक परियोजना के दौरान किसान अपनी उपज दोगुना और अपनी कृषि आय तीन गुना करने में कामयाब रहे। उन्होंने बताया कि यह परियोजना एक व्यवसाय के तौर पर चलाई जाएगी न कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी या सीएसआर के रूप में। इस गठबंधन की भविष्य में ऋण और बीमा क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं को भी साथ लाने की योजना है।

एक वरिष्ठ बेयर अधिकारी ने बताया कि प्रायोगिक परियोजना के दौरान किसान अपनी उपज को दोगुना कर पाये और अपनी कृषि आय में तीन गुना इजाफा किया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना एक व्यावसाय के तौर पर चलाई जायेगी न कि निगमित सामाजिक दायत्वि (सीएसआर) गतिविधियों के रूप में। अधिकारी ने कहा कि गठबंधन की रिण और बीमा के क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं को साथ लाने की योजना है। नेटाफिम के भारत में एमडी रनधीर चौहान ने कहा कि इस गठजोड़ का मकसद भोजन की बढ़ती मांग और पानी की कमी जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान मुहैया कराना है। (एजेंसियां)

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