14 जून से पहले इनकम का ब्यौरा नहीं दिया, तो रद्द होगा एनजीओ का रजिस्ट्रेशन

14 जून से पहले इनकम का ब्यौरा नहीं दिया, तो रद्द होगा एनजीओ का रजिस्ट्रेशनफोटो प्रतीकात्मक 

नई दिल्ली (भाषा)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ) को अपने आय-व्यय का सालाना ब्यौरा 14 जून तक जमा कराने की हिदायद दी है। इस समय सीमा का पालन नहीं कर पाने वाले एनजीओ का विदेशी सहायता नियमन कानून (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।

मंत्रालय की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एफसीआरए के तहत पंजीकृत ऐसे एनजीओ की संख्या काफी अधिक हो गई है जिनका सरकार को वार्षिक आय-व्यय का ब्यौरा पिछले पांच साल से नहीं मिला है जबकि इन संगठनों को यह ब्यौरा जमा कराने का अंतिम अवसर भी दिया जा चुका है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश मित्तल ने सोमवार को जारी निर्देश में कहा है कि वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक की अवधि के लिए आय-व्यय का ब्यौरा ऑनलाइन जमा कराने की अंतिम समय सीमा 14 जून तय की गई है। ऐसा नहीं कर पाने वाले एनजीओ का पंजीकरण और नवीनीकरण रद्द कर दिया जाएगा।

सरकार ने न्यायालय को बताया, एनजीओ के खिलाफ 159 प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश

यह ब्यौरा जमा नहीं करा पाए संगठनों को 15 मई से 14 जून तक का समय दिया गया है। इस अवधि में आय-व्यय का ब्यौरा जमा कराने वाले संगठनों को विलंब शुल्क की अदायगी से भी मुक्ति दी गई है। नियमानुसार प्रत्येक एनजीओ को पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए एफसीआरए की वेबसाइट पर अपना आय-व्यय का वार्षिक ब्यौरा अपलोड करना अनिवार्य है।

7500 एनजीओ चिन्हित किए गए

सरकार ने ऐसे लगभग 7500 एनजीओ को चिन्हित कर लिया है जिनके ऊपर बीते तीन साल से आय-व्यय का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराने के कारण पंजीकरण रद्द होने की तलवार लटक रही है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के लाभ के दायरे में ग्रीनपीस, सबरंग ट्रस्ट, इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन सहित 1300 एनजीओ को शामिल नहीं किया जाएगा जिनका पंजीकरण एफसीआरए के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में पहले ही रद्द किया जा चुका है।

11000 एनजीओ का रजिस्ट्रेशन रिन्यु करने की बात हुई थी

पिछले साल नवंबर में सरकार ने 11000 से अधिक एनजीओ को 28 फरवरी तक अपने पंजीकरण के नवीनीकरण का आवेदन करने को कहा था। हालांकि इनमें से केवल 3500 संगठनों ने इस बाबत आवेदन किया जबकि लगभग 7000 एनजीओ द्वारा आवेदन प्रक्रिया का पालन नहीं करने के कारण इनके पंजीकरण की मियांद खत्म होने की कगार पर आ गई है।

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