जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसे में 35 की मौत, परिजनों को 5-5 लाख मुआवजा

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर हुए सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 12 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर है।

जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसे में 35 की मौत, परिजनों को 5-5 लाख मुआवजा

लखनऊ।जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर हुए सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 12 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केशवान से किश्तवाड़ जा रही बस से अचानक ड्राइवर का नियंत्रण खो जाने की वजह से बस गहरी खाई में गिर गई। IGP एमके सिन्हा ने पीटीआई को बताया कि हादसे में अब तक 20 यात्रियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर जताया दुख

घटना की जानकारी होने के बाद पीएम मोदी ने भी ट्वीट करते हुए हादसे में मरने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया है और साथ ही घायलों को जल्द स्वस्थ होने की की कामना की। पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने भी हादसे पर ट्वीट कर दुख जताया है।

मृतकों को मिलेगा मुआवजा

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को अच्छी चिकित्सा देने और हादसे मेंं जान गंवाने के लिए 5-5 लाख मुआवजा देने के लिए प्रशासन को निर्देश दिया है। राज्यपाल ने गंभीर रूप से घायलों को जम्मू एयरलिफ्ट करने का भी आदेश दिया है। जिसमें से तीन घायलों को जम्मू एयरलिफ्ट कर दिया गया है। घायलों को एयरलिफ्ट करने के लिए एक और हेलिकॉप्टर किश्तवाड़ रवाना हो चुका है।

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इससे पहले भी हुए हैं हादसे

डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ जिलों की पहाड़ियों में पिछले कई दिनों से लगातार हादसे देखने को मिले हैं। 27 जून को मुगल रोड के पीर की गली इलाके में एक भीषण हादसे में 11 छात्रों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों के बाहर भ्रमण पर रोक लगा दिया था। अब किसी भी शिक्षण संस्थान को अपने छात्रों को कहीं घूमाने के लिए पहले प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ेगी।

जम्मू कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में आए दिन लगातार हो रहे हादसे के पीछे वहां के स्थानीय नागरिक तेज रफ्तार, जर्जर सड़क और ओवरलोडिंग को दोष देते हैं। वह बताते हैं कि ज्यादातर हादसों के पीछे यही तीन वजहें ही निकल कर सामने आई है।

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