सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- पूर्वी यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 340 किलोमीटर लंबा है जो प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरा है। एक्सप्रेस-वे में 8 जगहों पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाने हैं। इस एक्सप्रेस-वे के द्वारा गाजीपुर से लखनऊ की दूरी 3.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। पढ़िए इससे जुड़ी खास बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- पूर्वी यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे

 पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 9 जिलों में लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरा है। (फोटो: @upeidaofficial/Twitter)

सुल्तानपुर/लखनऊ। "पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे 08 स्थानों पर इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जाने की कार्यवाही शुरु हो चुकी है। इससे रोजगार बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।" ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर में कहीं।

लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 6 लेन का है जिसकी कुल लंबाई 340.824 किलोमीटर है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की शुरुआत लखनऊ में सुल्तानपुर रोड (एनएच- 731) के पास चांद सराय गांव है। जबकि ये एक्सप्रेस-वे गाजीपुर जिले में यूपी बिहार की सीमा से 18 किलोमीटर पहले हैदरिया गांव में समाप्त होता है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अनुसार परियोजना की लागत भूमि समेत 22,494.66 करोड़ रुपए है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से यूपी के अलावा बिहार के लोगों को भी फायदा होगा। ये एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 9 जिलों में लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस के लिए अक्टूबर 2018 में परियोजना के सभी 8 पैकेज के लिए डेवलपर्स के का साथ अनुबंध किए गए थे, जिसके अनुसार 36 महीनों यानी अक्टूबर 2021 में पूरा होना था। कोविड के चलते कुछ दिक्कतें आई लेकिन 8 नवंबर 2021 तक परियोजना की भौतिक प्रगति 99 फीसदी से अधिक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वी यूपी विकास एवं रोजगार की असीम संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की कोशिशें जारी हैं। इसके लिए प्रदेश की आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगले माह बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे भी बनकर तैयार हो जाएगा। गोरखपुर एक्सप्रेस-वे एवं गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का कार्य प्रगति पर है। प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की कार्यवाही तीव्र गति से आगे बढ़ाया है। गंगा एक्सप्रेस-वे जनपद मेरठ को जनपद प्रयागराज से जोड़ेगा। इस एक्सप्रेस-वे के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे की प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 नवम्बर, 2021 को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का सु्ल्तानपुर में लोकार्पण करेंगे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम भव्य बनाया गया है। कार्यक्रम के भारतीय वायुसेना का एक शो भी आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुल्तानपुर के पास ही लगभग 3.5 कि.मी. की एक एयर स्ट्रिप बनायी गयी है, जिसमें भारतीय वायुसेना के विमान एवं अन्य विमान आपात लैंडिंग कर सकेंगे।

एक नजर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे

  • लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 6 लेन का है जिसकी कुल लंबाई 340.824 किलोमीटर है।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की शुरुआत लखनऊ में सुल्तानपुर रोड (एनएच- 731) के पास चंद सराय गांव से होती है, जबकि ये एक्सप्रेस-वे गाजीपुर जिले में यूपी बिहार की सीमा से 18 किलोमीटर पहले हैदरिया गांव में समाप्त होता है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अनुसार परियोजना की लागत भूमि समेत 22,494.66 करोड़ रुपए है।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से यूपी के अलावा बिहार के लोगों को भी फायदा होगा। ये एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 9 जिलों में लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरा है।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेस के लिए अक्टूबर 2018 में परियोजना के सभी 8 पैकेज के लिए डेवलपर्स के का साथ अनुबंध किए गए थे, जिसके अनुसार 36 महीनों यानी अक्टूबर 2021 में पूरा होना था। कोविड के चलते कुछ दिक्कतें आई लेकिन 8 नवंबर 2021 तक परियोजना की भौतिक प्रगति 99 फीसदी से अधिक है। सीएम ने कहा कि 19 महीने के कोविड महामारी के बावजूद इसे पूरा किया गया है।
  • सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए, राज्य सरकार ने राज्य की राजधानी (लखनऊ) से आजमगढ़ होते हुए पूर्वी क्षेत्र के लिए एक और एक्सप्रेस वे विकसित करने का निर्णय लिया है। इस एक्सप्रेस वे के विकसित होने से राज्य का पूर्वी क्षेत्र न केवल राज्य की राजधानी से बल्कि राष्ट्रीय राजधानी से भी जुड़ जाएगा। आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से।
  • 6परियोजना को इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मोड पर लागू किया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक योजना से पूर्वी यूपी को क्या मिलेगा

  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से राज्य की पूर्वी सीमा और दिल्ली-एनसीआर के आवागमन आसान होगा। जिस तरह से आगरा एक्सप्रेस-वे और यमुना एक्सप्रेस वे हैं।
  • एक नियंत्रित प्रवेश यानी एक्सेस नियंत्रित एक्सप्रेस-वे होने के नाते दुर्घटनाओं में कमी के साथ साथ ईंधन और समय की बचत होगी।
  • जिन क्षेत्रों से होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उन्हें आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा। कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और अन्य औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
  • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शैक्षिक संस्थान, चिकित्सा संस्थान, नए टाउनशिप और अन्य विभिन्न वाणिज्यिक सेट अप विकसित किए जाएंगे, विशेष रूप से एक्सप्रेस-वे क्षेत्रों के पास, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होगा। राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़कर एक विशाल औद्योगिक गलियारा बन जाएगा, जो पूर्वी सीमा को राज्य की पश्चिमी सीमा से जोड़ेगा, जिससे राज्य का समग्र विकास होगा।

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