पहले भी हुए हैं बड़े रेल हादसे

पहले भी हुए हैं बड़े रेल हादसेरेल हादसा

उत्तर प्रदेश में एक और ट्रेन हादसे में 18 बच्चों से भरी एक स्कूल वैन एक ट्रेन द्वारा कुचल दी गयी और तेरह बच्चों की मौत हो गयी। इस स्कूल वैन का ड्राईवर हेडफोन लगाकर बात कर रहा था। इस तरह के हादसे पहले भी होते रहे हैं।

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अब तक हुए बड़े हादसों पर नजर

  • 22 जनवरी 2017 को आंध्रप्रदेश के विजयनगरम ज़िले में हीराखंड एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतरने की वजह से क़रीब 39 लोग मारे गए।
  • 20 नवंबर 2016 को कानपुर के पास पुखरायां में एक बड़ा रेल हादसा हुआ जिसमें कम से कम 150 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई।
  • 20 मार्च 2015 को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इस हादसे में 34 लोग मारे गए थे।
  • 4 मई 2014 को दिवा सावंतवादी पैसेंजर ट्रेन नागोठाने और रोहा स्टेशन के बीच पटरी से उतर गई थी. इसमें 20 लोगों की जान गई थी और 100 अन्य घायल हुए थे।
  • 28 दिसंबर 2013 को बेंगलूरु-नांदेड़ एक्सप्रेस ट्रेन में आग लग गई थी और इसमें 26 लोग मारे गए थे। आग एयर कंडिशन कोच में लगी थी। उसी साल 19 अगस्त को राज्यरानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से बिहार के खगड़िया ज़िले में 28 लोगों की जान चली गई थी।
  • 30 जुलाई 2012 को भारतीय रेलवे के इतिहास में साल 2012 हादसों के मामले से सबसे बुरे सालों में से एक रहा।
  • 30 जुलाई 2012 को दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक कोच में नेल्लोर के पास आग लग गई थी जिसमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए थे।
  • 07 जुलाई 2011 को उत्तर प्रदेश में ट्रेन और बस की टक्कर में 38 लोगों की मौत हो गई।
  • 20 सितंबर 2010 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकराई। इस टक्कर में 33 लोगों की जान चली गई और 160 से ज़्यादा लोग घायल हुए।
  • 19 जुलाई 2010 को पश्चिम बंगाल में उत्तर बंग एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस की टक्कर हुई. 62 लोगों की मौत हुई और डेढ़ सौ से ज़्यादा घायल हुए।
  • 28 मई, 2010 को पश्चिम बंगाल में संदिग्ध नक्सली हमले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतरी। इस हादसे में 170 लोगों की मौत हो गई।
  • 21 अक्तूबर, 2009 को उत्तर प्रदेश में मथुरा के पास गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी से टकरा गया. इस घटना में 22 मारे गए जबकि 23 अन्य घायल हुए।
  • 14 फ़रवरी 2009 को (रेल बजट के दिन) हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे ओडिशा में जाजपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतरे। हादसे में 16 की मौत हो गई और 50 घायल हुए।
  • अगस्त 2008 को सिकंदराबाद से काकिनाडा जा रही गौतमी एक्सप्रेस में देर रात आग लगी। इसके कारण 32 लोग मारे गए और कई घायल हुए।
  • 21 अप्रैल 2005 को गुजरात में वडोदरा के पास साबरमती एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी की टक्कर में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 78 अन्य घायल हो गए।
  • फ़रवरी 2005 को महाराष्ट्र में एक रेलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई थी और इतने ही घायल हुए थे।
  • जून 2003 को महाराष्ट्र में हुई रेल दुर्घटना में 51 लोग मारे गए थे और अनेक घायल हुए।
  • 2 जुलाई 2003 को आंध्र प्रदेश में हैदराबाद से 120 किलोमीटर दूर वारंगल में गोलकुंडा एक्सप्रेस के दो डिब्बे और इंजन एक ओवरब्रिज से नीचे सड़क पर जा गिरे। इस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत हुई।
  • 15 मई 2003 को पंजाब में लुधियाना के नज़दीक फ़्रंटियर मेल में आग लगी. कम से कम 38 लोग मारे गए।
  • 9 सितंबर 2002 को हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई। इसमें 120 लोग मारे गए।
  • 22 जून 2001 को मंगलोर-चेन्नई मेल केरल की कडलुंडी नदी में जा गिरी. 59 लोग मारे गए।
  • 31 मई 2001 को उत्तर प्रदेश में एक रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी बस से ट्रेन जा टकराई। 31 लोग मारे गए।
  • 2 दिसंबर 2000 को कोलकाता से अमृतसर जा रही हावड़ा मेल दिल्ली जा रही एक मालगाड़ी से टकराई। 44 की मौत और 140 घायल।
  • 3 अगस्त 1999 को दिल्ली जा रही ब्रह्पुत्र मेल अवध-असम एक्सप्रेस से गैसल, पश्चिम बंगाल मे टकराई। 285 की मौत और 312 घायल।
  • 26 नवंबर 1998 को फ्रंटियर मेल सियालदाह एक्सप्रेस से खन्ना, पंजाब में टकराई। 108 की मौत, 120 घायल।
  • 14 सितंबर 1997 को अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में एक नदी में जा गिरी। 81 की मौत, 100 घायल।
  • 18 अप्रैल 1996 को एर्नाकुलम एक्सप्रेस दक्षिण केरल में एक बस से टकराई। 35 की मौत 50 घायल हुए।
  • 20 अगस्त 1995 को नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस कालिंदी एक्सप्रेस से फ़िरोजाबाद, उत्तर प्रदेश में जा टकराई। 250 की मौत, 250 घायल।
  • 21 दिसंबर 1993 को कोटा-बीना एक्सप्रेस मालगाड़ी से राजस्थान में टकराई. 71 की मौत और अनेक घायल।
  • 16 अप्रैल 1990 को पटना के पास रेल में आग लगी। 70 की मौत।
  • 23 फरवरी 1985 राजनांदगाँव में एक यात्री गाड़ी के दो डिब्बों में आग लगी। 50 की मौत और अनेक घायल।
  • 6 जून 1981 बिहार में तूफान के कारण ट्रेन नदी में जा गिरी। 800 की मौत और 1000 से अधिक घायल।

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