वी एम सिंह ने दिया राहुल गांधी की चिट्ठी का जवाब

राहुल गांधी के चिट्ठी के जवाब में किसान नेता वीएम सिंह चिट्ठी लिखी है।

वी एम सिंह ने दिया राहुल गांधी की चिट्ठी का जवाब

ज्ञात कराया कि पिछले 25 वर्षों से लड़ रहे हैं किसानों की लड़ाई, साथ ही 2002-03 के जिस बकाया भुगतान का जिक्र राहुल गांधी ने संसद में किया था वह भी उनके द्वारा कराया गया कोर्ट का आदेश था।

सौजन्य : गन्ना किसानों के संदर्भ में आपका पत्र दिनांक 14.6.2018 जो मुझे 18.6.2018 को प्राप्त हुआ ।

प्रिय राहुल जी,

आपको जन्मदिन की बहुत बहुत मुबारकबाद, ये साल आपके लिए खुशियां ओर अच्छी सेहत लेकर आये ।

सर्वप्रथम गन्ना किसानों के इस संकट में अपना समर्थन देने के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा ।

मेरे द्वारा गन्ना किसानों के मुद्दे उठाने पर आपकी ओर प्राप्त बधाई के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ और साथ ही आपका ध्यान आकर्षण करना चाहूंगा कि गन्ना किसानों का मुद्दा पहली बार नहीं उठाया गया है । पिछले 25 वर्षों से मेरे व मेरे संगठन द्वारा गन्ना किसानों की लड़ाई को सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ा गया है जिससे 40 से 50 लाख गन्ना किसान परिवारों को दसीयो हजारों करोड़ का फायदा हुआ है ।

यह संकट आज का नहीं है ये हमेशा का संकट है। आजादी के बाद कोई भी सरकार इस संकट का हल नहीं कर पाई । आपको याद होगा वर्ष 2005 में संसद के अंदर जब आपने अपनी पहली स्पीच में उत्तर प्रदेश के चीनी मिल मालिकों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन की बात कही थी जब 517 करोड़ (Case : वी एम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश चीनी मिलें) किसानों का वर्ष 2002-03 का बकाया था।

राहुल जी गन्ना किसानों के मुद्दे को सुलझाना कोई हवाई बाण नहीं है । ये समस्या आसानी से सुलझाई जा सकती है बशर्ते राजनीतिक इच्छा शक्ति होनी चाहिए।

मैं आशा करता हूं कि जब भी आप सत्ता की स्थिति में हो तब भी आप गन्ना किसानों के लिए ऐसी ही हमदर्दी रखेंगे जैसी आपने चिट्ठी में जताई है।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अगर आप मेरी मदद चाहेंगे तो मैं आपको सारी मदद दूंगा जिससे गन्ना किसानों की इस समस्या का हमेशा के लिए हल निकल सके।


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