कानपुर इमारत हादसा: मरने वाले मजदूरों की संख्या आठ हुई, हादसे की जांच करेगी कमेटी 

कानपुर इमारत हादसा: मरने वाले मजदूरों की संख्या आठ हुई, हादसे की जांच करेगी कमेटी कानपुर के जाजमऊ में बिल्डिंग के मलबे को हटाने का काम जारी है।

कानपुर (भाषा)। जाजमऊ की केडीए कालोनी में ढही एक इमारत के मलबे से एक और मजदूर का शव निकाले जाने के साथ ही इस हादसे में मृतक संख्या बढ़कर आठ हो गई।

इस मामले की जांच के लिये कानपुर आयुक्त ने दो वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है तथा इमारत बनाने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच का काम आईआईटी या किसी अन्य इंजीनियरिंग संस्थान के विशेषज्ञों से करवाने को कहा है। इमारत के मालिक एवं समाजवादी पार्टी के नेता मेहताब आलम और ठेकेदार दोनों फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

अस्पताल में भर्ती 18 घायल मजदूरों में से तीन को छुट्टी दे दी गई है। मलबा हटाने और राहत एवं बचाव कार्य शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी है। कुछ मजदूरों के परिजन ने आलम के घर के बाहर दोपहर नारेबाजी और हंगामा किया तथा रास्ता जाम कर दिया लेकिन सपा नेता के घर में कोई नहीं था। पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर वहां से हटाया।

कानपुर पुलिस के आईजी जोन (पुलिस महानिरीक्षक) जकी अहमद ने बताया, "इमारत के मलबे से तड़के एक और मजदूर का शव बरामद हुआ है और मृतक संख्या अब बढ़कर आठ हो गयी है।" मलबे में अब किसी के जीवित होने की संभावना नहीं के बराबर है। उन्होंने कहा कि आलम और ठेकेदार की तलाश में पुलिस छापे मार रही है लेकिन अभी तक दोनों फरार हैं।

वहीं शहर के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. रामायण प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में भर्ती 18 घायल मजदूरों में से तीन को छुट्टी दे दी गई है जबकि शेष 15 मजदूरों में से दो की हालत गंभीर है। कानपुर क्षेत्र के आयुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुददीन ने बताया कि जिला प्रशासन ने भी दो एडीएम स्तर के अधिकारियों की टीम जांच के लिये गठित की है। इस टीम से इमारत के निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया है।

एक फरवरी को दोपहर बाद जाजमऊ के केडीए कालोनी में निर्माणाधीन सात मंजिला एक इमारत ढह गई थी और इस हादसे में वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गये थे। कानपुर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष (वीसी) जयश्री भोज ने बताया कि उनके विभाग द्वारा गठित दो सदस्यीय टीम ने जांच का काम शुरू कर दिया है। वह पांच सुपरवाइजर को निलंबित कर चुकी है और तीन इंजीनियरों को निलंबित करने के लिये शासन को लिख चुकी है। उन्होंने बताया कि केडीए की टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप देगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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