गाँव चौपाल

गन्ना मिलों से मायूस लौट रहे किसान

पीलीभीत। जनपद में सबसे पुरानी व नगर के बीचों-बीच बनी एलएच शुगर मिल पीलीभीत अपनी गन्ना पेराई की क्षमता व भुगतान समय से किसानों को करने में प्रदेश में एक विशेष स्थान रखती है, लेकिन इस वर्ष इस फैक्ट्री की आवागमन व्यवस्था कारगर नहीं साबित हो सकी है।

गाँव कनेक्शन रिपोर्टर जब एलएच शुगर मिल के इटौरिया गन्ना तौल केंद्र पर पहुंचा, तो पाया कि गन्ने कि ट्रालियों की भारी भीड़ थी। मिल में मौजूद ट्रान्सपोर्ट व्यवस्थापक एसके शर्मा बताते हैं, ''ऐसा कुछ नहीं हैं, हमारे ट्रक तो खाली घूम रहे हैं। केंद्रों पर गन्ना नहीं हैं, पिछले पांच दिनों से मेरी ट्रॉली सेंटर पर खड़ी है, लेकिन तौल न होने के कारण खाली नहीं हो पा रही है।’’

जिले में अधिकतर केंद्रों पर गन्ना ढोलाई कि व्यवस्था ट्रकों द्वारा कि जाती है, जिनके ट्रान्सपोर्ट का ठेका किसान अपने परिचित ठेकेदारों को देते हैं। इस वर्ष अधिकतर केंद्रों पर ट्रान्सपोर्ट व्यवस्था बेहद खराब है।

कुछ ऐसी ही हालत लालपुर के गन्ना केंद्र की भी मिली। मिल में ट्रालियों की भीड़ लगी हुई मिली। फै क्ट्री में मौजूद किसान ओम प्रकाश (46 वर्ष) बताते हैं, ''सोसाइटी से उपलब्ध कराई गई पर्ची चार दिन बाद खुद मान्य नहीं होती है, जिसको ठीक कराने के लिए हमें सोसाइटी का चक्कर लगाना पड़ता है।’’

शिवनपुर गन्ना सेंटर पर मौजूद किसान गंगाराम सहित काफी किसानों को उनके गन्ने की तौल न होने की परेशानी थी। इस बारे में जब केंद्र प्रभारी जसवंत सिंह से बात की गई, तो उसने बताया, ''फैक्ट्री से गाड़ी नहीं आती, जिससे गन्ना तोल करने में विलम्ब होता है। ज्यादातर किसान बगैर पर्ची के होते हैं। इसलिए उन्हें तौल में परेशानी होती है।’’

रिपोर्टर - अनिल चौधरी