आवास तो मिला, लेकिन तीन साल नहीं आई दूसरी किश्त  

आवास तो मिला, लेकिन तीन साल नहीं आई दूसरी किश्त  अधूरार पडा आवास, खुले में रहने को मजबूर

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

औरैया। विकास खंड औरैया की ग्राम पंचायत जसंवतपुर में आवास के लिए एक गरीब परिवार को किस तरह धोखे में रखा गया है, ये उसके सिर छिपाने की जगह बता रही है। पहली किश्त मिलने के बाद दूसरी किश्त तीन साल से नहीं आई है जिसका वह इंतजार टकटकी लगाए देख रहा है।

जिला मुख्यालय से 27 किलोमीटर दूर बीहड़ी क्षेत्र में बसे गाँव जसंवतपुर के एक गरीब परिवार को किस तरह सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत ने धोखे में रखा है। उसकी बानगी वह स्वयं पहली किश्त से बना आवास बयां कर रहा है। गाँव निवासी जय सिंह पुत्र बीरबल (50 वर्ष) के दो बेटे हैं। मेहनत, मजदूरी कर पेट पल जाता है लेकिन सर छिपाने के लिए झोपडी का सहारा लेना पडता है। उसे 2015 में इंदिरा आवास मिला था। जिसकी पहली किश्त मिलने पर उसने दो दीवारे बनवा कर खडी कर दी। इसके बाद वह दूसरी किश्त आने का इंतजार करने लगा।

दूसरी किश्त के आने का इंतजार करते हुए उसकी आंखे पथरा गई परंतु किश्त नहीं आई। पैसा न आने पर उसने सेके्रटरी और एडीओ पंचायत से शिकायत की तो उन्होंने इस तरफ कोई गौर नहीं किया। जब वह 2016 में शिकायत लेकर एडीओ पंचायत शिव कुमार पाठक के पास पहुंचा तो भगा दिया और कहा कि अब आवास का पैसा नहीं मिलेगा।

इसके बाद उसने एक बडी आस लेकर प्रधान से शिकायत की तो प्रधान ने दूसरी किश्त मंगवाने के लिए रूपया मांगा जो कि वह दें न सका। इस पर प्रधान ने भी कोई गौर नहीं किया। आज उसके न राश्न कार्ड है, न शौचालय है सरकारी योजनाओं का किसी भी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इससे पूरा परिवार परेशान है। सर्दी हो या गर्मी वह परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है ।

एडीओ नहीं दे पाए जवाब

विकास खंड औरैया के एडीओ शिव कुमार पाठक से जय सिंह के आवास की दूसरी किश्त के बारे में सवाल किया गया तो वह कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए। बस इतना जरूर कह दिया कि बजट नहीं आया है।

अब स्वयं जाकर देखेंगे आवास

सेक्रेटरी राघवेंद्र सिंह से इस संबध में बात की गई तो वह भी आवास के बारे में कुछ नहीं बता पाए। गरीब आदमी से आवास के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है सवाल करने पर मंत्री ने कहा कि वह अब स्वयं जाकर इस मामले को देखेंगे।

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