एक महीना योगी का : यूपी सरकार ने 30 दिन में लिए कई बड़े फैसले, पढ़िए जनता की राय

एक महीना योगी का : यूपी सरकार ने 30 दिन में लिए कई बड़े फैसले, पढ़िए जनता की रायगांव कनेक्शन का सर्वे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभी तक जो फैसले किए हैं उस पर जनता क्या सोचती। सरकार के निर्णयों का जनता में क्या संदेश है, यह जानने के लिए गांव कनेक्शन ने एक्सक्लूसिव सर्वे किया, जिसमें लोगों से पूछा गया कि '' क्या आप अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लिए गए निर्णयों से खुश हैं ? '' इसके जवाब में 62.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह योगी सरकार के फैसले से बिलकुल खुश हैं, जबकि 35.6 प्रतशित लोगों ने कहा कि कुछ हद तक जबकि मात्र 2.2 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वह सरकार के निर्णयों से बिलकुल खुश नहीं है।

गांव कनेक्शऩ का सर्वे

ऐसे में यह जाना जरूरी है कि 19 मार्च को शपथ लेने वाली योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक महीने में वह कौन से फैसले किए हैं जिसपर जनता को उनका इतना बड़ा समर्थन मिल रहा है।

शपथ लेने के बाद योगी आदित्यानाथ ने प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक कर कई निर्देश दिए थे, जिसमें अवैध बूचडखानों पर रोक, गो-तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। इस फैसले पर जमकर विवाद हुआ सरकार को एक वर्ग सराहा तो दूसरे ने तीखी आलोचना की। इस फैसले की चर्चा देश के बाहर तक हुई।

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इसके साथ ही दफ्तरों में पान-गुटखा की पाबंदी वाले फैसले को भी जनता ने सराहा है। महिलाओं के प्रति छेड़छाड़ और हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए जहां प्रदेश में एंटी रोमियो स्वायड का गठन किया था, वहीं अपनी पहली कैबिनेट में उन्होंने प्रदेश के दो करोड़ से अधिक लघु और सीमांत किसानों को फायदा देते हुए उनका एक लाख रुपये तक का कर्ज़ा माफ करने का अहम फैसला लिया था। सरकार ने किसानों का कुल मिलाकर 36,359 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया है। सभी मंत्रियों और अधिकारियों को 15 दिन के अंदर अपनी संपत्ति की घोषणा करने का आदेश, प्रदेश के किसानों को बिचौलियों से भी मुक्त करने और किसानों का शत प्रतिशत गेहूं खरीदने के लिए सरकार ने 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेने का फैसला शामिल है।

योगी सरकार ने पहली बैठक में यूपी में बड़े तादाद में पूंजी निवेश को लेकर राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति बनाने का फैसला किया था। इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है, जो अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की उद्योग नीति की बारीकियों का अध्ययन करेगा और प्रदेश में सिंगल विंडो के माध्यम से एक अच्छी उद्योग नीति का यहां निर्माण कर सके, इसके लिए यह मंत्री समूह कई प्रदेशों में जाएगा।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार मुसलमानों सहित अल्पसंख्यक समुदाय की गरीब लड़कियों का सामूहिक विवाह आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें हर लड़की को 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के अलावा सरकार सामूहिक विवाह में होने वाले अन्य खर्च भी वहन करेगी।

सर्वे में 54.9 फीसदी लोगों ने माना कि सरकार ने जो फैसले लिए हैं उनका असर दिख रहा है, 39.9 फीसदी लोगों ने माना कि असर कम दिख रहा है, जबकि 5.2 फीसदी ने माना कि कोई असर नहीं है या फिर इन फैसलों को ठीक से लागू नहीं किया गया।

योगी आदित्यानाथ की दूसरी कैबिनेट ने भी आम लोगों के लिए कई फैसले किए जिसमें धार्मिक स्थलों पर 24 घंटे और गाँवों में18 घंटे बिजली पहुंचाने का वादा शामिल है। पुराने बिलों पर बिजली सरचार्ज माफ किया तो 10 हजार से ज्यादा का भुगतान किश्तों में करने की छूट दी। प्रदेश में खराब ट्रांसफार्मर को 48 घंटे में बदलने का आदेश जैसे शामिल हैं।

ज्यादा उत्पादन के चलते प्रदेश के आलू किसानों का काफी नुकसान हुआ। सरकार ने दूसरी कैबिनेट में आलू को न्यूनतम समर्थन मूल्य 487 प्रति कुंतल की दर से खरीदने का फैसला किया। प्रदेश में कई जगहों पर आलू केंद्र बनाने के निर्देश हुए। इसके साथ ही गन्ना किसानों को 14 दिन में पैसा देने का आदेश दिया है। गन्ना किसानों का पुराना भुगतान 4 माह में देने का आदेश दिया भी योगी ने दिया। सरकार ने बीएसपी सरकार में बेची गई सरकारी चीनी मिलों की बिक्री का जांच का फैसला किया।

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राज्य विकास प्राधिकरणों का कैग से ऑडिट और 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के फैसले पर भी मुहर लगाई थी। गाँव कनेक्शन ने इस सर्वे को यूपी के 20 जिलों के 200 ब्लॉक के लोगों के बीच किया। प्रदेश में कुल 75 जिले और 820 ब्लॉक हैं। गांव कनेक्शन के वालेंटियर इन ब्लॉकों में गांव और कस्बों में गए और लोगों ने अपने मोबाइल उनसे कुल संबंधित 9 सवाल पूछे गए। यह सर्वे जिन लोगों के बीच किया गया उनमें, 22 प्रतिशत छात्र, 21 प्रतिशत घरेलू महिलाएं, 18.7 प्रतिशत प्राइवेट जॉब करने वाले, 15.5 प्रतिशत व्यापारी और 13 प्रतिशत किसान हैं। इनमें से 61 प्रतिशत लोगों की उम्र 25 से 50 वर्ष, 27.7 प्रतिशत की उम्र 25 प्रतिशत से कम, बाकी लोगों की उम्र 50 वर्ष से अधिक है।

यूपी सरकार के फैसलों के असर पर जनता की राय।

सर्वे में 54.9 फीसदी लोगों ने माना कि सरकार ने जो फैसले लिए हैं उनका असर दिख रहा है, 39.9 फीसदी लोगों ने माना कि असर कम दिख रहा है, जबकि 5.2 फीसदी ने माना कि कोई असर नहीं है या फिर इन फैसलों को ठीक से लागू नहीं किया गया।

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