इंटरव्यू: केजीएमयू में डॉक्टरों से लेकर गार्ड तक का बदलेगा रवैया, वीसी ने बनाई है खास़ रणनीति  

Deepanshu MishraDeepanshu Mishra   24 Jun 2017 8:57 PM GMT

इंटरव्यू: केजीएमयू में डॉक्टरों से लेकर गार्ड तक का बदलेगा रवैया, वीसी ने बनाई है खास़ रणनीति  केजीएमयू के वाइस चांसलर प्रो. एमएलबी भट्ट

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। आने वाले समय में अगर आप केजीएमयू जाएं और वहां के गार्ड से लेकर डॉक्टर तक का व्यवहार बदला हुआ नजर आए तो हैरान न होना। डॉक्टर मरीजों और तीमारदारों से बेहतर व्वयहार करें और लोगों की बेहतर सुरक्षा करें इसके लिए केजीएमयू के वीसी ने खास रणनीति तैयार की है। वो खुद डॉक्टरों को इसकी ट्रेनिंग देंगे और लगातार गार्ड पर उठे सवालों के बाद आर्मी के पूर्व जवानों को नियुक्त किया जाएगा। गाँव कनेक्शन ने रिपोर्टर दीपांशु मिश्र ने केजीएमयू के वाइस चांसलर प्रो. एमएलबी भट्ट के कई मुद्दों को लेकर खास बात की।

सवाल- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रदेश की सबसे बड़ी मेडिकल यूनिवर्सिटी है, इसे ऐसे ही बनाए रखने के लिए आप क्या करते हैं ?

जवाब- किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पूरे प्रदेश के मरीज आते हैं, उन्हें उच्च गुणवत्ता का इलाज देना होता है जो कि कई और संस्थान करते रहते हैं, लेकिन हमारा मकसद उच्च गुणवत्ता का इलाज और सस्ते से सस्ते दरों पर करना होता है जो गरीब मरीज और असाध्य मरीज हैं उनके लिए पूर्णतया मुफ्त इलाज होता है। इसके लिए हमारे पास कई तरह की सुविधाएं है वो और कई सामान्य विभाग हैं और सुपरस्पेशलिटी के सभी प्रकार के विभाग यहां पर हैं। यहां सभी प्रकार की सुविधाएं मरीजों को दी जा रहीं हैं।

सवाल- संस्थान के ऊपर निरंतर दबाव को कम करने के लिए आप क्या करते हैं ?

जवाब- यूनिवर्सिटी में निरंतर दबाव जो बढ़ता जा रहा है वो है लगातार मरीजों का बढ़ना। उसका मुख्य कारण ये है कि अब तक मेडिकल के अन्य संस्थानों और जिला अस्पतालों में बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है, जिसका असर लखनऊ के मेडिकल कॉलेज पर आ जाता है, जिससे जो विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य है चिकित्सा शिक्षा का प्रशिक्षण वो नहीं मिल पा रहा है। अगर मरीजों का अच्छा उच्च गुणवत्ता के साथ इलाज हो पाए तो जो डॉक्टर हैं वो अच्छा प्रशिक्षण पा सकते हैं। अब जब हम बहुत ज्यादा मात्रा में मरीजों का इलाज करते हैं, तो गुणवत्ता कहीं न कहीं जरूर प्रभावित होती है। जिससे आए दिन कई प्रकार की समस्याएं भी उठती हैं, लेकिन उसके बाद भी हम काफी सुधार की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को और भी बेहतर इलाज के लिए विभागों में बढ़ोत्तरी की जा रही है।

सवाल- गार्ड और पीआरओ के व्यवहार में सुधार के लिए आप क्या करेंगे ?

जवाब- गार्ड की समस्या है उससे निपटने के लिए हम अब आर्मी के रिटायर आदमी को ही रखेंगे क्योंकि उन्हें अच्छी तरीके सी पता होता है कि लोगो के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिएऔर मुझे पूरी उम्मीद है कि वो बेहतर सेवा यहां करेंगे। पीआरओ को बताया गया है कि आप अपने आप को अधिकारी न समझें जिसकी क्लास मैं खुद दो बार ले चुका हूं आप अपने आप को सेवक समझिए तभी आप लोगों से व्यवहार कर पाएंगे।

सवाल- सरकार आपकी कैसे मदद कर रही है ?

जवाब- सबसे बड़ा वेंटिलेटर यूनिट है, अभी तक हमारे पास 150 वेंटिलेटर हैं, जो अपने आप आप बहुत बड़ी बात है और इसे अगले माह में बढ़ाकर 200 तक कर दिया जाएगा, जो कि बहुत बड़ी उपलब्धि है। सरकार की हमें हर तरह की मदद भी मिलती है, सरकार के सहयोग से ये चिकित्सा संस्थान चल रहा है। यहां पर चिकित्सकों की भारी संख्या, पैरामेडिकल, नर्सिंग और कई तरह के कर्मचारी यहां पर हैं और जहां पर जो कमी महसूस होती है वो सरकार से मिलता रहता है।

हमारे पास सबसे बड़ी जो उपलब्धि है और जो हमारा केंद्र बिंदु है वो उच्च कोटि की गुणवत्ता की चिकित्सा शिक्षा, जिसमें हम देश में कहीं भी पीछे नहीं है। हमारे पास लगभग 6000 चिकित्सा छात्रों का प्रशिक्षण इस विश्वविद्यालय में होता है जो अपने आप में देश में कीर्तिमान हैं। देश की किसी भी मेडिकल संस्थान में इतने छात्रों का प्रशिक्षण नहीं होता है। इसमें हमारा विश्व स्तर पर नाम है और हम इसे और उचाईयों पर ले जायेंगे।

सवाल- आए दिन तीमारदारों के साथ दुर्वव्यवहार की सूचनाएं आती हैं, उसपर आप क्या करते हैं ?

जवाब- यहां पर तीमदारों के साथ होनी वाली घटनाएं होती हैं ये एक सामाजिक समस्या है। इससे हमारे विश्वविद्यालय का कोई भी कर्मचारी अछूता नहीं है। इसलिए उनके व्यवहार में सुधार के लिए उनका प्रशिक्षण शुरू कर दिया है, जिसमें मैं खुद इस पर लोगों से वार्तालाप कर रहा हूं और पूरी कोशिश कर रहा हूं कि उनके व्यवहार में सुधार हो।

जल्द में जो घटना हुई थी कि तीमारदार को कमरें में बंद कर दिया गया ये घटना एक दम गलत थी। इस घटना में मैंने तीमारदार को बुलाकर पूछा था लेकिन उसने कहा हमें कमरे में बंद नहीं किया गया था। उसमें तीमारदार के द्वारा भी अनुचित व्यवहार किया गया था जिससे बात बढ़ गयी थी, क्योंकि एक बहुत बड़ा संस्थान है इसलिए मीडिया में यी बात ज्ल्दी चली गयी थी और काफी फ़ैल गयी थी लेकिन घटना पूरी तरह गलत थी।

सवाल- संस्थान में हुए रेप की घटना पर आपकी क्या टिपण्णी है ?

जवाब- रेप की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस घटना में सबसे दुखद विषय था की संविदा पर काम करने वाले जो सुरक्षाकर्मी, जिनकी जिम्मेदारी लोगों की देखभाल है, उन्होंने ऐसा काम किया था। उस पर कार्यवाई हो गयी थी उन्हें निकाल भी दिया गया था और पुलिस ने उन्हें पकड़ भी लिया था। लेकिन पूरी रिपोर्ट नहीं आई है की रेप स्वेक्षा से था ये जबरदस्ती कर रहा था ये बात स्पष्ट नहीं हो पायी है। क्योंकि उस महिला के पति यूनिवर्सिटी में किसी से न बता कर सीधे थाने गया था ये सोचने का विषय है, जिसकी जांच दूसरे एंगल से हो रही है, उसमें क्या आता है उसका इन्तेजार किया जा रहा है।

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