देखिए साधुओं के अलग-अलग रूप, हर एक की है अपनी अलग कहानी

प्रयागराज। दुनिया भर में जितने साधू संत और नागा साधु हैं। सबकी अपनी अलग-अलग कहानी है। किसी ने 31 हजार रुद्राक्ष धारण किए हैं तो किसी की पांच से छह फीट लंबी जटाएं हैं।

जटाधारी बाबा जटाएं पांच-छह लंबी हैं और उसका वजन डेढ़ से दो किलो होगा। उसके रखरखाव के बारे में वो कहते हैं, "ये जटाएं बालावस्था से हैं, कम से कम पांच-छह फीट लंबी हैं, इसका वजन होगा डेढ़ से दो किलो होगा। जब स्नान करते हैं तो उसका वजन पांच से दस किलो तक हो जाता है, संभालना मुश्किल हो जाता है पकड़ना पड़ता है इन्हें फिर स्नान करना पड़ता है।"

वहीं पर एक बाबा ऐसे भी हैं तो हमेशा काला चश्मा लगाते हैं, इसके पीछे बड़ी दिलचस्प कहानी है। वो बताते हैं, "किसी ने लाकर पहनाया, फिर फोटो ली उनको अच्छा लगा तो बोले बाबा ले लो, इसको तुम पहनो, तब से पहने रहता हूं।"


एक बाबा ऐसे भी हैं जो हमेशा 31 हजार रुद्राक्ष धारण किए रहते हैं। उन्होंने बताया, "ये मेरी पोशाक है भगवान शिव के आंसू हैं ये। और ये आंसू मैंने पहन रखे हैं भगवान शिव के लिए। ग्यारह हजार से चालू किया और 31 हजार हो गया है अभी 51 हजार भी हो सकता है एक करोड़ भी हो सकता है और दब भी सकता हूं मैं तो अपने आप आएगा जब मैं दबूंगा न तो आएगा कि भक्त दब गया है चलो, उसको निकालते हैं।"

वो आगे कहते हैं, "हर इंसान की अपनी-अपनी सोच होती है और हर इंसान के विचार भी अलग होते हैं मैं अपने विचार भगवान शिव से मांग रहा हूं।"

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