हृदय की बीमारियों से न हो परेशान, योग से संभव है इलाज

अहमदाबाद (गुजरात)। आज इस तेज रफ्तार दुनिया में हर कोई अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक दूसरे से आगे बढ़ रहा है तो एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ में वे कई रोगों को भी अपने शरीर में निमंत्रण दे रहे हैं जिसमें हृदय रोग की बीमारी अधिकांश तो लोगों को हो रही है।

जिसके बाद जीवन भर दवाइयों के साथ हृदय को फिट रखने का काम शुरू हो जाता है मगर हम मगर हम आपको एक ऐसे डॉक्टर से मिलाने जा रहे हैं जो दवाइयों से ज्यादा हृदय की बीमारी का इलाज योग से कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं हृदय रोग के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलेश देसाई की, जो हृदय से जुड़ी हुई बीमारियों को ठीक करने के लिए मरीजों को योग करने का सलाह देते हैं।

उनका कहना है कि आजकल अधिकांश लोग डिप्रेशन की शिकायत कर रहे है और जो आगे चलकर ह्रदय, रक्‍तचाप (ब्‍लड प्रेशर) और अन्य बीमारियों का रूप ले रही हैं। हम दवाइयों से कुछ समय के लिए आराम तो दिलवा सकते हैं मगर एक लंबे समय के लिए नहीं। अगर इसका समाधान पूर्ण रूप से करना है और दवाइयों से बचना है, तो सभी को योग करने की जरूरत है।

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डॉक्टर शैलेश इतनी समस्‍याओं को देखते हुए अपने क्लीनिक में ही योग टीचर रख लिए हैं। हृदय रोग से बीमारी से जुड़े लोग इनके पास आते हैं और ये उनको योग के द्वारा ठीक करवाते हैं। वे कहते हैं कि अगर हम नियमित योग करें तो लगभग 20 से 25% तक दवाइयों का सेवन कम हो सकता है।

वहीं यहां योग सीखा रहे जिग्नेश शाह कहते है कि आज योग ऐसा इलाज है। जिससे अधिकांश रोगों का इलाज सम्भव हो रहा है। कुछ सालों में ऐसे रोग आए हैं जिसका इलाज एलोपैथ से भी सम्भव नहीं हो पा रहा है मगर योग से वह ठीक हो जा रहा है। वे आगे कहते है कि हृदय रोग के मरीजों के लिए मुख्य रूप से इन योग को करना चाहिए, जिसमें ओमकार, शितकी, शितकारी, ब्रह्मरी, अनुलोम विलोम, उत कृत का प्रणायम करना चाहिए।

वहीं आज हार्ड के सर्जरी करवा कर आने वाले लोग भी योग कर रहे है। इन्हीं योग के बीच हमें 70 साल के वृद्ध से मुलाकात हुई। जो पिछले 10 सालों से योग कर रहे हैं। वे बताते है कि मुझे अब कोई दिक्कत नहीं है। वहीं अब दवा भी नाम मात्र का खाता हूं। आज जिस तरह से योग आम जनमानस के बीच अपनी पकड़ बना रहा है उससे कई रोगों का इलाज हो जा रहा है।


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