खीरे की अगेती फसल, तीन महीने में एक एकड़ से दो लाख की कमाई

Virendra SinghVirendra Singh   1 April 2019 7:56 AM GMT

बाराबंकी(उत्तर प्रदेश)। जहां कभी धान गेहूं और मोटे अनाज भी पैदा नहीं होते थे वहां एक युवा किसान के अथक प्रयास से अगेती खीरे जैसी फसल लहरा रही है और क्षेत्र के तमाम किसान उनसे प्रेरित होकर खीरे, खरबूजा, तोरई और तरबूज जैसे नगदी फसलें पैदा करने लगे हैं

बाराबंकी जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर उत्तर सूरतगंज ब्लाक के तेकुवा गांव के युवा किसान नारेन्द्र शुक्ला ज्यादा पढ़े लिखे तो नहीं है। लेकिन इन की खेती से प्रेरित होकर क्षेत्र के दर्जनों किसान नगदी फसलों को बोलना शुरू कर दिया है और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

नारेन्द्र शुक्ला बताते हैं, "हमारा क्षेत्र गांजर क्षेत्र कहा जाता है और यहां पर बलुई मिट्टी हैं यहां पर धान गेहूं और मोटे अनाज भी पैदा करने में लोगों को बड़ी दिक्कत होती थी। लेकिन हमने पिछले 10 -12 साल से अपने खेतों को सही किया है और अब अगेती खीरे की फसल पैदा कर रहे हैं जिससे हमें अच्छी आय भी होने लगी है।

आगे बताते हैं कि खीरे की फसल के लिए हम जनवरी माह में नर्सरी करते हैं जनवरी में तापमान बहुत कम होता है इसलिए हम लोटनर की सहायता लेते हैं जिससे हमारी नर्सरी का टेंपरेचर बना रहता है और जामनेशन 90 से 95% तक हो जाता है नर्सरी करने के लिए हम भुरभुरी मिट्टी तैयार करते हैं और उसमें रीजेंट या फ्यूराजन मिलाकर तीन बाई चार की पॉलिथीन की थैली में मिट्टी पैक करते हैं और उसमें बीज बो देते हैं बीज बोने के करीब 8 दिन बाद सिंचाई कर देते हैं और बीच का जामनेशन हो जाता है यह नर्सरी लगभग 25 दिन में तैयार हो जाती जो लास्ट जनवरी में हम पौधे को अपने खेतों में रोपित कर देते हैं

नारेन्द्र शुक्ला लागत और मुनाफे के बारे में बताते हैं कि नालों में खीरे की बुवाई करने से साथ ही मंच का प्रयोग करने से लागत बहुत कम हो जाती है क्योंकि हमें जो खाद और पानी देना होता है वह सिर्फ नालों में देना होता है बीच का जो जगह होती है उसमें ना तो हमें पानी देना होती है और ना ही खाद देना होता है इसलिए खाद और पानी की बहुत बचत होती है फिर भी खीरे की खेती की रखरखाव और लेबर चार्ज अगर मिलाकर देखा जाए तो 1 एकड़ में लगभग 50000 रुपए की लागत आएगी और 1 एकड़ में लगभग दो से ढाई लाख रुपए तक शुद्ध मुनाफा हो जाता है इस समय हमारा खीरा टूटने लगा है और मार्च का है प्रथम सप्ताह चल रहा है इस समय खीरे का रेट अच्छा मिल रहा है 7-8 रुपया प्रति पीस मंडी में खीरा हमारा बिक रहा है

नरेन्द्र शुक्ला बताते हैं करीब 7-8 साल पहले हम मात्र 1 बीघा खीरे की खेती से शुरुआत की थी और इस समय हमारे पास 3 एकड़ खीरे की फसल लगी है और हमें देखकर कई किसानों ने खीरे की खेती करना शुरू कर दिया है हमारे क्षेत्र में इस समय लगभग 15 -20 एकड़ खीरे की फसल ली जा रही।

ये भी पढ़ें : मटका विधि से लौकी-खीरा जैसी फसलें बोने पर मिलेगी दोगुनी पैदावार, 2 महीने में एक बार देना होगा पानी

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top