रंग-गुलाल, फूल और लट्ठमार होली है ब्रज की पहचान

मथुरा (उत्तर प्रदेश)। आज बिरज में होली रे रसिया, आज बिरज में होरी… ये होली गीत पिछले कई दिनों से मथुरा वृंदावन की गलियों में गूंज रहा है। गली मोहल्लों से लेकर मंदिर तक रंग, गुलाल से सराबोर हैं।

होली भारत के ज्यादातर हिस्सों में मनाया जाने वाला त्यौहार है लेकिन इसकी रौनक मथुरा वृंदावन में देखते ही बनती है। ब्रज क्षेत्र के मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव की होली देखने के लिए भारत ही नहीं विदेशों के लोग भी मथुरा पहुंचते हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 400 किलोमीटर दूर मथुरा में लड्डू, फूल, गुलाल और अबीर से होली खेली जाती है। महावन के रमणरेती धाम में हुई होली में टेसू के रंगों का प्रयोग किया गया, जिसमें भारत के साथ कई विदेशी पर्यटक और श्रद्धालु शामिल हुए।

महावन में रमणरेती धाम स्थित कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज के आश्रम में दिव्य और भव्य होली महोत्सव का आयोजन किया गया। भगवान कृष्ण और बलदेव की कीड़ा भूमि रमणरेती की होली में कलाकारों ने मयूर नृत्य और लट्ठमार होली का जीवंत प्रदर्शन कर दर्शकों को अपने रंग में रंगा। हजारों संत और भक्तों ने उत्सव का आनंद लूटा 5 घंटे तक चले होली उत्सव में लीला मंच से पहले लड्डू बरसे और उसके बाद फूलों अबीर गुलालओं की बरसात की गई। एक साथ 100 पिचकारीओं से रंग बरसाया गया। रंग बरसाने के लिए पानी के बड़े दो टैंकरों का उपयोग किया गया है।

ठाकुर रमण बिहारी के आंगन में जमकर होली के रंग बरसे। भाव-भक्ति के रसिया और होली के गीतों के बीच अबीर गुलाल उड़ा और देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं पर टेसू के रंग भी बरसाए गए।

रमणरेती आश्रम में जहां एक तरफ अबीर-गुलाल और टेसू से बन रंगों की वर्षा हो रही थी, तो दूसरी तफर 'आज बिरज में होरी रे रसिया, चलौ आइयो रे श्याम पनघट पर चलौ आईयो रे, तू बरसाने में आए जईयो बुलाए रही राधा प्यारी, फाग खेलन बरसाने आए हैं नटवर नंद किशोर और उड़त गुलाल लाल भए बदरा जैसे होली के गीत और रसिया से आश्रम गूंजता रहा।

रमणबिहारी के आंगन में हुई होली में टेसू के रंगों का प्रयोग किया गया। संत नागेंद्र दत्त गौड़ ने बताया, "टेसू के फूलों का रंग काफी खास होता है। इसके लिए काफी पहले से ही भारी मात्रा में फूल मंगवाए गए थे।"


मथुरा के दूसरे मंदिरों में भी कृष्ण और राधा के जयकारों, ठाकुरजी की जयकार के बीच भक्त होली के गीतों पर झूमते नजर आए।

नंदगांव पहुंचे गांव कनेक्शन के मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट अभिषेक वर्मा नंदगांव और बरसाने की होली को अपने कैमरों में कैद करने से किए दुनियाभर के फोटोजर्नलिस्ट आते हैं। चारों तरफ सिर्फ रंग गुलाल होता है, होली को लेकर इतना उत्साह सिर्फ यहीं देखने को मिलता है। पहले दिन नंदगांव के लोग बरसाने आते हैं, जहां होली होती है फिर बरसाने के लिए नंदगांव होली खेलने जाते हैं।"

लट्टमार होली के बारे में अभिषेक बताते हैं, ये सिर्फ ब्रज में होता है होली खेलती महिलाएं लाठी से हरिहारों पर प्रहार करती हैं, पुरुषों को ढाल से बचाना होता है।"

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