Seema Sharma

Seema Sharma

कम्युनिटी जर्नलिस्ट, मथुरा, उत्तर प्रदेश


  • हजार बछड़ों की मां: जर्मनी की इरीना ब्रूनिंग कैसे बन गईं सुदेवी दासी

    मथुरा (उत्तर प्रदेश)। बात साल 1978 की है, जब जर्मनी की एक युवती भारत घूमने आई थी, उसके पिता भारत में जर्मनी के राजदूत थे। युवती का नाम फ्रेडरिक इरीना ब्रूनिंग था जो देश के कई हिस्सों को घूमते हुए कृष्ण की धरती मथुरा वृंदावन पहुंच गई। जहां उसकी दुनिया बदल गई, नाम बदल गया, धर्म बदल गया, अब वो सुदेवी...

  • रंग-गुलाल, फूल और लट्ठमार होली है ब्रज की पहचान

    मथुरा (उत्तर प्रदेश)। आज बिरज में होली रे रसिया, आज बिरज में होरी… ये होली गीत पिछले कई दिनों से मथुरा वृंदावन की गलियों में गूंज रहा है। गली मोहल्लों से लेकर मंदिर तक रंग, गुलाल से सराबोर हैं। होली भारत के ज्यादातर हिस्सों में मनाया जाने वाला त्यौहार है लेकिन इसकी रौनक मथुरा वृंदावन में देखते ही...

  • सोंधी खुशबू वाला मथुरा का पेड़ा नहीं खाया तो क्या खाया

    मथुरा। पेड़े का स्वाद सभी को पसंद होता है। पेड़े का नाम सुनते ही मथुरा के स्वादिष्ट पेड़े याद आते हैं। खाने में जितने स्वादिष्ट मथुरा के पेड़े होते हैं वो कहीं और के नहीं होते। मंदिरों, वन-उपवन, गीत-संगीत, नृत्य और कला के बीच मथुरा की एक और खासियत है जो इसे सबसे अलग करती है वो है यहां की मिठास। जब कोई...

  • मथुरा में शहीद पंकज की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, देखें तस्वीरें...

    सीमा शर्मा, कम्यूनिटी जर्नलिस्ट, गाँव कनेक्शन मथुरा। कश्मीर के बड़गाम में वायु सेना के एक स्पेशल ऑपरेशन के दौरान उड़ान भरते वक्त शहीद हुए जांबाज जवान पंकज नौहवार की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटकर जब जांबाज का पार्थिव शरीर मथुरा के जरेलिया गाँव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। ...

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