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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने पर किसानों की बढ़ी चिंता

Virendra SinghVirendra Singh   26 Feb 2020 7:15 AM GMT

बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। राजेश यादव को आलू की खेती से इस बार अच्छी उम्मीद थी, कि इस बार अच्छी कमाई हो जाएगी। लेकिन बारिश ने सब पर पानी फेर दिया। पानी में डूबी में आलू की फसल को देखकर वो अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए।

"इस बार सोचा था कि आलू से कर्ज से छुट्टी मिल जाएगी, लेकिन छुट्टी तो नहीं मिली, लेकिन सिर दर्द बढ़ गया है, लगभग 70 परसेंट फसल चौपट हो गई है। सोचा था क्रेडिट कार्ड का कर्ज चुका दूंगा, लेकिन अब सब बर्बाद हो गया, लग रहा है लागत निकालनी भी मुश्किल हो जाएगी, "रुंधे हुए गले से राजेश यादव कहते हैं।

बरिश और ओलावृष्टि से इस समय की प्रमुख फसल आलू को खासा नुकसान पहुंचा है। साथ ही सरसों और अगेती गेहूं की फसल भी जमीन पर बिछ गई है इस तरह से बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।


भारत में आलू के उत्पादन की बात करें तो उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक राज्यों में से एक है इस समय आलू की फसल लगभग तैयार होकर खेतों में लगी थी और बेमौसम बरसात से आलू के किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है।

किसानों के मुताबिक करीब 10 साल बाद खुदाई के वक्त (फरवरी) आलू 900-1000 रुपए कुंतल बिक रहा है। पिछले कई वर्षों से आलू 400-600 रुपए कुंतल के आसपास बना हुआ था। किसानों को लगा रहा था कि इस बार अच्छा फायदा होगा।

वहीं आलू की खेती करने वाले बड़े किसान श्रीचंद मौर्य बताते हैं कि इस बे मौसम बरसात में हम किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है अब आलू की फसल की तो बात छोड़ो सरसों अगेती गेहूं की फसल लहसुन हरी मिर्च की फसल को भी इस बरसात में काफी नुकसान पहुंचाया है। खेतों से पानी निकाले तो कहां निकाले चारों तरफ खेतों में पानी भरा है, जिससे जो खेतों में फसलें लगी है वह पानी भरा रहने से सूख जाएंगी।


वही बेचन मौर्या बताते हैं की हमारी गेहूं की फसल में बालियां आ गई थी बीती रात तेज हवाओं के साथ बरसात होने से पूरी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है और खेतों में पानी भरा है अब तो हमारी गेहूं की फसल बिल्कुल चौपट हो जाएगी इसमें लागत भी निकालना मुश्किल हो जाएगा।

जिला उद्यान अधिकारी महेंद्र कुमार बताते हैं कि इस वक्त जिले में आलू की फसल लगभग तैयार अवस्था में थी बरसात होने से आलू की फसल को नुकसान होगा लेकिन अभी कितना नुकसान होगा इसका आकलन नहीं लगाया जा सका है।


वहीं जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रीत किरण बाजपेई बताती हैं, "इस बरसात से अधिक नमी होने के कारण आलू की फसल में सड़न पकड़ लेगी और आलू की फसल को नुकसान होने की संभावना है वही गेहूं की फसल के लिए यह बरसात फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इस समय ज्यादातर गेहूं की फसल में फ्लावरिंग हो रही है और इस वक्त पानी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगा। वहीं आम की बागवानी करने वाले किसानों को लिए भी यह बरसात फायदा देगी क्योंकि बरसात होने के बाद फसल कीट मुक्त हो जाएगी किसान भाई इस वक्त अपने खेतों से पानी निकालने का प्रयास करें कोशिश करें कि खेतों में पानी ना ठहरे पाए जिससे नुकसान से बचाया जा सकता है जिन फसलों में फ्लावरिंग की अवस्था पूर्ण हो गई है उन फसलों के लिए भी यह बरसात फायदेमंद साबित होगी।"

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