गेहूं किसान से ज्यादा मनरेगा मज़दूर की कमाई

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लखनऊ। इन दिनों प्रदेश भर के गाँवों में रात-दिन गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग चल रही है। थ्रेशिंग के बाद मिल रही गेहूं की उपज से किसान मायूस हैं। गेहूं की फसल पर तीन महीने की मेहनत के बाद हुई कमाई से कई गुना ज्यादा तो दिहाड़ी मजदूर की कमाई है।

किसान कन्हैया लाल के पास खुद का गोमती की तराई में एक एकड़ खेत है, बाकि बंटाई पर लेकर खेती करते हैं। कन्हैया के खुद के एक एकड़ खेत में कम से कम 20 कुंतल गेहूं पैदा होता था, लेकिन इस बार कटाई में उन्हें सिर्फ 10 कुंतल गेहूं ही मिला है। 

लखनऊ जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर उत्तर दिशा में बख्शी का तालाब तहसील के अकड़रिया कलां गाँव के किसान कन्हैया लाल बताते हैं, "पिछले साल बारिश ने पकी फसल बर्बाद कर दी थी, इस बार सूखा मार गया। सिर्फ 10 कुंटल गेहूं हुआ है, जबकि होना कम से कम 20 चाहिए था"। वे बताते हैं कि 20-25 कुंतल गेहूं होते भी थे, लेकिन इधर दो सालों से सब बर्बाद हो रहा है।”

कन्हैया की तीन महीने की एक एकड़ में गेहूं की कुल लागत करीब 12,000 रुपए की है। ऐसे में 1450 रुपए की सरकारी खरीद रेट के हिसाब से 10 कुंतल गेहूं का कन्हैया को महज़ 14,500 रुपए मिलेगा।

कन्हैया बताते हैं, “एक एकड़ में जुताई, बीज, सिंचाई और कटाई तक करीब 12 हजार रुपये खर्च हुए हैं। गेहूं का सरकारी मूल्य 1450 रुपये है, जबकि बाजार में 1300-1400 में बिक रहा है। अगर सरकारी रेट की भी बात करें तो 14,500 रुपये ही मिलेंगे। बाकी (लागत निकालकर) बचा क्या, वो आप खुद जोड़ लो।“

मुख्यत: कन्हैया स्वयं और उनकी पत्नी व बच्चे यानि तीन किसानों ने इस फसल पर मेहनत की थी। कन्हैया के परिवार की 14,500 रुपए की कुल कमाई में से यदि एक महीने की एक किसान सदस्य की कमाई निकालें तो महज़ 1611 रुपए बनती है।

यानि एक गेहूं किसान की तीन महीने की कमाई करीब 1600 रुपए वहीं इन तीन महीनों में 150 रुपए की दिहाड़ी पर भी एक मजदूर की कमाई 13,500 रुपए आती है। किसान की कमाई से कई गुना ज्यादा।

अब तो कन्हैया का हौसला भी पस्त होने लगा है। सिर पर बंधे अंगौछे से पसीने को पोछते हुए कन्हैया कहते हैं, "खेती नहीं करूंगा, मजदूरी करूंगा। आठ घंटे के 200 रुपये तो मिल जाते हैं।"

कन्हैया की गेहूं की बैलेंस शीट

तीन महीन की फसल पर लागत (एक एकड़) - 12,000 रुपए

फसल से कुल कमाई - 14,500 रुपए

एक किसान की एक महीने की कमाई - 1,611 रुपए

क्या रहा कम उपज का कारण ?

देश की उपज में 4-5 प्रतिशत की कमी: कृषि मंत्री

देश के कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह द्वारा बताए गए आधिकारिक अनुमान के हिसाब से इस वर्ष भी देश में 9.2 से लेकर 9.3 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन होगा। उनके अनुसार उत्पाद लगभग 4-5 प्रतिशत घटेगा। हालांकि देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश में कटाई के बाद गेहूं की हालत बिगड़ी हुई है।

रिपोर्टर - अश्वनी द्विवेदी

संपादन - भास्कर त्रिपाठी

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