हकीकत में नहीं सिर्फ कागजों पर ही बने शौचालय

हकीकत में नहीं सिर्फ कागजों पर ही बने शौचालयगाँव कनेक्शन

शाहजहांपुर। जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने खुले में शौच से जनपद को मुक्त कराने की मुहिम शुरू की और जनपद की सभी ग्राम पंचायतों से शौचालय बनवाने की संख्या मांगी।

इस दौरान ब्लॉक मिर्जापुर की ग्राम पंचायत पैलानी में शौचालय निर्माण में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। इस ग्राम पंचायत से 400 शौचालय बनवाने की मांग मुख्यालय आई थी। जब सत्यापन के लिए टीम को गाँव में भेजा गया तो मौके पर केवल 150 शौचालय ही पाए गए। 324 शौचालय कागजों पर ही रह गए। जिलाधिकारी ने शेष ग्राम पंचायतों की जांच के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यालय से करीब 55 किमी. दूर दक्षिण दिशा में ब्लॉक मिर्जापुर की ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर में करीब 38.88 लाख रुपए का शौचालय निर्माण के लिए आया बजट हड़पने का मामला सामने आया है। जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद की अगुवाई में बनी एक टीम ने भौतिक सत्यापन किया तो पता चला की 324 शौचालय सिर्फ कागजों पर बने हैं।

इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी अशोक गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही फर्जीवाड़े में लिप्त ग्राम प्रधान नरेश कश्यप से गबन की गई धनराशि की रिकवरी का आदेश जारी किया गया। इन दोनों के विरुद्ध थाना मिर्जापुर में एफआईआर भी दर्ज करायी गयी। इसी ग्राम पंचायत का मजरा अभिचारपुर जो समग्र ग्राम योजना में शामिल है और इसमें करीब 89 शौचालयों में से 55 कागजों पर बनकर ही रह गए। 

प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने किया दौरा

घोटले की जांच के लिए प्रमुख सचिव पंचायतीराज उत्तर प्रदेश शासन चंचल कुमार तिवारी ने शनिवार को जिले में विकास खण्ड मिर्जापुर के ग्राम पैलानी उत्तर एवं अभिचारपुर लोहिया समग्र ग्राम में जाकर बने शौचालयों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने जिला पंचायतराज अधिकारी से गाँव में बने शौचालयों एवं गाँव के आंकड़े मांगे, जिसपर डीपीआरओ गाँव के सही आंकड़े नहीं प्रस्तुत कर सके। इस पर चंचल कुमार तिवारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गाँव के पूरे आंकड़े पंचायतराज विभाग के पास होता है। किन्तु सही आंकड़े न प्रस्तुत कर पाना विभाग की कार्यशैली पर स्वयं प्रश्नचिन्ह लगाता है।

उन्होंने ग्राम पैलानी उत्तर में बने शौचालयों की जानकारी की तो पाया कि इस ग्राम में 400 शौचालय स्वीकृत हैं। जिनमें मात्र मौके पर 150 शौचालय ही बने हुए पाये गये। उसी तरह ग्राम अभिचारपुर में निरीक्षण के दौरान पाया कि कुल 89 स्वीकृत शौचालय में 55 शौचालय ही बने हैं। प्रमुख सचिव ने मौके पर जाकर दोनों गाँवों के शौचालयों की विस्तृत निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने पैलानी उत्तर ग्राम के 8 शौचालयों का भी निरीक्षण करते हुए पाया कि वे सभी अपूर्ण एवं मानकविहीन शौचालय बनाये गये हैं। गाँव अभिचारपुर में बने शौचालयों में से 5 शौचालयों में से 2 शौचालय गुणवत्तापूर्ण नहीं पाये गये। उक्त गाँव में कुल 9 मजरें हैं। 

उन्होंने गुणवत्ताविहीन शौचालय बनाये जाने पर गाँव के ग्राम विकास अधिकारी पंचायत अशोक गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि विस्तृत रिपोर्ट आने पर इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि तत्कालीन ग्राम  प्रधान से गबन की गई धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जायेगी। सहायक विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव का वेतन रोकते हुए निर्देश दिये कि जिले से इनके निलम्बन की संस्तुति भेजी जाए। शासन स्तर से इनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय कार्यों को सही ढंग से न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।

रिपोर्टर - अर्जुन श्रीवास्तव

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