जाट आंदोलन की घोषणा: सोनीपत और जींद प्रशासन सतर्क

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सोनीपत/जींद (भाषा)। जाट समुदाय द्वारा 5 जून से आंदोलन की घोषणा के बाद प्रशासन ने सोनीपत और जींद में अर्द्धसैनिक बलों की टुकडियां तैनात कर दी हैं। ऐहतियात के तौर पर दोनों ही स्थानों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की दो व एचएपी (हरियाणा सशस्त्र पुलिस) की एक टुकड़ी सोनीपत पहुंच गई हैं। आरएएफ की टुकड़ी को मूनक नहर में तैनात किया गया है।

उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है। उपायुक्त ने कहा है कि कुछ उपद्रवियों व असामाजिक तत्वों द्वारा रेलवे ट्रैक, सड़क, रास्ते, पावर हाउस, जल स्त्रोत को नुकसान पहुंचाने की आशंका है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से तुरंत प्रभाव से 27 जुलाई तक धारा 144 लागू की गई है।

उधर, जींद से मिली सूचना के अनुसार, जिलाधीश विनय सिंह ने पांच जून के प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन को लेकर जिले में धारा 144 लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, जो 29 जुलाई तक रहेगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बार अगर जाट समुदाय के लोग फिर से आंदोलन करते हैं तो प्रशासन का यह प्रयास रहेगा कि आंदोलनकारियों को किसी भी सूरत में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर एक अथवा अंबाला-दिल्ली मार्ग पर न बैठने दिया जाए। फरवरी माह के दौरान हुए आंदोलन के समय आंदोलनकारियों ने तीन दिन तक मुख्य मार्ग पर कब्जा करके रखा हुआ था। इसी दौरान आज सेना के जवानों ने प्रदेश के सभी सातों संवेदनशील जिलों में दिनभर फ्लैग मार्च किया और संबंधित पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर भावी रणनीति पर मंथन किया। 

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने पांच जून को शुरु होने वाले अनिश्चतकालीन धरने तथा लम्बित जाट आरक्षण से संबंधित मांगों को लेकर उपायुक्त विनय सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के खिलाफ बनाए गए देशद्रोह के मुकदमे को खारिज करने की मांग की है।

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