जन शिकायतें न सुनने वाले अफसरों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : अखिलेश यादव

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लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने ‘जन-सुनवाई’ पोर्टल के माध्यम से शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा दिक्कतों के प्रभावी समाधान की व्यवस्था लागू की गई है। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली पर जनता की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले एक जिलाधिकारी और चार जिलों के पुलिस प्रमुख से जवाब-तलब किया है। 

इनमें पीलीभीत के जिलाधिकारी तथा फैजाबाद, कासगंज, देवरिया और बस्ती जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री बुधवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ‘जन-सुनवाई’ प्रणाली के तहत जनता की शिकायतों के निस्तारण पर की गई कारवाई की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान की स्थिति को परखने के लिए जल्द ही वे प्रदेश स्तर के कार्यालय पर इनके निस्तारण की समीक्षा करेंगे। 

उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण के उद्देश्य से समाजवादी सरकार ने इस साल जनवरी से देश के पहले एकीकृत पोर्टल ‘जन-सुनवाई’ की व्यवस्था लागू  की है। 

टेक्नोलॉजी के जरिए शिकायतों का हो समाधान

सीएम यादव ने इस बात पर बल दिया कि इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी के जरिए सरकार की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के साथ ही, जनता की उम्मीदों को अधिक बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए समाजवादी सरकार ने वर्ष 2015-16 के अपने विकास एजेण्डे में, जनशिकायतों के प्रभावी प्रबन्धन, समाधान और निगरानी के लिए ‘इंटीग्रेटेड ग्रीवान्स रिड्रेसल सिस्टम’ विकसित करने पर जोर दिया, जिससे जनता की सभी शिकायतों को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर, वहीं से उनके समाधान की व्यवस्था की जाए और उनकी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। 

जन सुनवाई पोर्टल पर आईं दो लाख शिकायतें

बैठक में अधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गई कि इस वर्ष 25 जनवरी से ‘जन-सुनवाई’ व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक 02 लाख से अधिक प्रकरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अवशेष प्रकरणों के समाधान किए जाने के निर्देश दिए। 

जनता को मिल रहा लाभ

इस व्यवस्था के लागू हो जाने से सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों को शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान और मॉनीटरिंग में सहूलियत हो रही है, जिससे जनता और सरकारी कार्यालयों के बीच सुविधाजनक एवं पारदर्शी तरीके से संवाद कायम हुआ है। ऑनलाइन होने के कारण लोक अपनी शिकायतें घर बैठे भी दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, शिकायतकर्ता किसी भी समय अपनी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। इससे जनता को राज्य सरकार के किसी भी विभाग में आने-जाने की अनावश्यक दौड़-भाग से छुटकारा भी मिल गया है। 

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