कागजों में सिमट गया राजीव गांधी खेल अभियान

कागजों में सिमट गया राजीव गांधी खेल अभियान

मैनपुरी। ग्रामीण खिलाडिय़ों की प्रतिभा निखारने के लिए शुरू की गई राजीव गांधी खेल अभियान योजना धन की कमी के कारण कागजों में सिमटकर रह गई है। 

राजीव गांधी खेल अभियान के तहत युवा कल्याण विभाग गाँव के युवाओं को कबड्डी, ऊंचीकूद, लंबीकूद, वॉलीबाल आदि खेलों का अभ्यास कराने की योजना संचालित कराता है। अभ्यास के बाद जो अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं, उन्हें ब्लॉक और जिला स्तर पर खिलाने के बाद चयनित खिलाडिय़ों की टीम तैयार कर उन्हें राज्य स्तर पर खिलाने का काम किया जाता था। एक वर्ष पहले ग्राम पंचायत स्तर पर क्रीड़ाश्री नियुक्ति कर पायका योजना शुरू की गई थी। इसके तहत ग्राम पंचायतों में खेल का सामान खरीदा गया था लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक योजना को बंद कर दिया गया।

भोगाँव निवासी उमेश (26 वर्ष) बताते है, ''पहले हम पता चला था कि राजीव गांधी खेल अभियान के तहत हमें कबड्डी में राज्य स्तर पर खेलने का मौका मिलेगा। कई बार इस चक्कर में अधिकारियों के पास गए लेकिन अभी तक पता ही नहीं चल पाया कि इसके लिए आवेदन कैसे करना है।"

प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी बलवीर सिंह यादव ने बताया कि राजीव गांधी खेल अभियान योजना शुरू होने के बाद खेल प्रतियोगिताएं कराने को धनराशि नहीं मिली है। इस कारण से ब्लॉक और जिला स्तर पर होने वाली खेल प्रतियोगिताएं कराने के लिए योजना नहीं तैयार की गई है। शासन से धनराशि मिलने के बाद ही खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने को योजना तैयार की जाएगी। 

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