कानपुर के सालों से रुके पड़े बिजली-घर को केंद्र की मंजूरी

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कानपुर (भाषा)। उत्तर प्रदेश में कानपुर के समीप घाटमपुर ताप बिजली-घर का सपना अब साकार होने की उम्मीद है क्योंकि केंद्र सरकार ने इसका काम शुरु करने के लिए करीब 1,700 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।

1,980 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के शिलान्यास की रस्मअदायगी 2012 में हो गयी थी पर काम शुरु नहीं हो सकता था। निवेली लिग्नाइट और उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड कंपनी के सहयोग से बनने वाले इस बिजली संयंत्र का निर्माण अब सितंबर से शुरु होने की उम्मीद है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी ने एक विज्ञप्ति जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस परियोजना को शुरु कराने के लिए की गयी पहल के लिये धन्यवाद दिया है। उन्होंने साथ में यह भी कहा है कि घाटमपुर विदयुत परियोजना से कानपुर शहर को भी कुछ बिजली दी जानी चाहिए। 

कानपुर के तत्कालीन सांसद व केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने वर्ष 2012 में इस पूर्णतय: कोयले पर आधारित बिजली परियोजना को मंजूरी दिलायी थी और उन्होंने ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मिलकर शिलान्यास भी किया था। साल 2014 में केंद्र की सरकार बदल गयी और परियोजना का काम लटक गया।

सांसद जोशी ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि यूपीए सरकार ने इस परियोजना की औपचारिकता पूरी किये बिना ही इसका शिलान्यास कर वर्ष 2016 तक शुरु किये जाने का आश्वासन दिया था। अब एनडीए सरकार ने औपचारिकताओं को पूरा कर इसके निर्माण और परिचालन का रास्ता साफ किया है। 

जोशी ने दावा किया कि घाटमपुर बिजली संयंत्र 2021 तक चालू हो जाएगा और इससे उत्तर प्रदेश और कानपुर की बिजली की कमी की समस्या दूर करने में काफी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने प्लांट के निर्माण की पहली किस्त जारी कर दी है। साल 2012 में घाटमपुर प्लांट की लागत 14 हजार करोड़ आंकी गयी थी, लेकिन अब बढ़कर करीब 17 हजार करोड़ रुपए हो गयी है।

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