किसान खेती के साथ दूसरे व्यवसाय को भी अपनाएं

किसान खेती के साथ दूसरे व्यवसाय को भी अपनाएंप्रतीकात्मक फोटो

इटावा। किसानों को खेती के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने और उनको सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से मिलने वाले लाभ प्राप्त कराने तथा किसानों की दयनिय स्थिति को सुधार के लिये जनपद में एक कृषि गोष्ठी और कृषि प्रदर्शनी कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रांगण में लगाई गई। जिसमें रबी की उत्पादकता के अलावा अन्य उत्पादकों के बारे में किसानों को जानकारी दी गयी। साथ ही प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल लगाकर किसानों को कृषि सम्बंधित कार्य किस तरह करने का तरीका बताया गया।

जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी/कृषि प्रदर्शनी का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी श्री पीके श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। कृषि प्रदर्शनी में लगाये गये विभिन्न स्टालों यथा मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, मृदा परीक्षण, कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण मुख्य विकास अधिकारी द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्बन्धित स्टालों से किसानों को दी जाने वाली जानकारी के बारे में स्टाल संचालकों से वार्ता से कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी को उनकी ओर से पत्र लिखकर सूचित किया जाये कि गोष्ठी/प्रदर्शनी के स्टालों पर रेन्जर्स स्तर के कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें जिससे आम-जन को उनके विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके।

गोष्ठी में किसी लाभार्थी से बैंको द्वारा सुविधा शुल्क लेकर ऋण दिया जाता है तो वह लाभार्थी व्यक्तिगत रूप से उनसे सम्पर्क करे तथा अपना बयान भी दे जिससे सम्बन्धित बैंक व बैंक कर्मचारी के विरुद्द विधिक कार्यवाही अमल में लायी जा सके। उन्होंने सचिव मण्डी परिषद को निर्देशित किया कि किसी भी दशा में किसानों का शोषण न किया जाये और यदि इय प्रकार का कोई प्रकरण संज्ञान में आता है तो सम्बन्धित कार्मिक के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्होंने लाभार्थियों को अनुदान को सीधे डी़ वी़ टीक़ के माध्यम से खातो में पहुचाने के बारे में बताया कि डी़ वी़ टीक़ के माध्यम से लाभार्थियों को अनुदान का पैसा किसी भी समस्या के बिना उनके खातों में सीधे प्रेषित कर दिया जाता है जिससे किसी भी प्रकार की धांधली होने की आशंका नगण्य हो जाती है।

गोष्ठी में किसानों से कहा गया कि वह अपनी भूमि का परीक्षण अवश्य करायें तथा परीक्षण की रिपोर्ट के अनुसार ही रासायनिक/उर्वरकों का प्रयोग करें तथा रिपोर्ट के अनुसार ही फसलों का चयन करें। जिससे उन्हें कम लागत में अधिक से अधिक फसलोत्पादन का लाभ मिल सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि कृषि में तकनीकी यन्त्रों का भी प्रयोग करें जिससे कृषि की लागत को कम किया जा सके। उन्होंने किसान फसलबीमा योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए सम्बन्धित संस्था को निर्देशित किया कि फसल बीमा हेतु ब्लॉक स्तर पर भी अभिकर्ताओं की नियुक्ति की जाये जिस पर बताया गया कि दीपावली पर्व के उपरान्त अभिकर्ताओं की नियुक्ति कर दी जायेगी।

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