किराए पर खेत लेकर कर रहे खेती, कमा रहे लाखों

किराए पर खेत लेकर कर रहे खेती, कमा रहे लाखोंशाहजहांपुर और बरेली जनपद के भूमिहीन किसान सिद्धार्थ नगर जिले में आकर अपनी महनत के दम पर खेती की नई इबारत लिख रहे हैं।

सिद्धार्थनगर। जनपद के हज़ारों ग्रामीण जहां अपना गाँव छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं, वहीं बाहर से आकर कुछ किसान यहां सब्जी की खेती करके लाखों कमा रहे हैं। शाहजहांपुर और बरेली जनपद के भूमिहीन किसान यहां आकर अपनी मेहनत के दम पर खेती की नई इबारत लिख रहे हैं।

खेती किसानी से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

जनपद के बढ़नी ब्लॉक के ग्राम खजुरिया में जब लोगों की नज़र दस बीघे में लगे पॉली हाउस पर जाती है तो निगाहें ठहर जाती हैं। इस प्लाट पर शाहजहांपुर के किसान नियाज़ ने किराये पर खेत लेकर कई तरह की सब्जी उगा रखी है। उनके प्लाट में टमाटर, लौकी, खीरा, तरोई, शिमला मिर्च के पौधे लगे हैं। पूरे खेत को प्लास्टिक की पन्नी से ढकने के बारे में पूछने पर नियाज़ बताते हैं, “दिन और रात के तापमान में परिवर्तन से पौधों को बचाने के लिए पाली हॉउस का रूप दिया जाता है।”

इतनी दूर आकर खेती करने के सवाल पर नियाज़ कहते हैं, “हमारे इलाके में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है, लेकिन हमारे पास जमीन नहीं है। यहां की जमीन उपजाऊ है और सस्ते में मिल जाती है।” नियाज़ ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ ज़िले में तीन अन्य स्थानों पर खेत ले रखा है और सभी मिलकर सब्जी की मिश्रित खेती करते हैं। नियाज और उनके साथी पिछले कई वर्षों से ज़िले में हैं और करीब 40 बीघे में सब्जी पैदा कर रहे हैं।

नियाज आगे बताते हैं, “सब्जी की खेती में मेहनत बहुत है और खतरा भी रहता है। मंडी में दाम घटने-बढ़ने से मुनाफा तय होता है। उत्पादन ज्यादा होने पर दाम गिर जाता है, जिससे बचने के लिए पाली हाउस लगाकर अगेती फसल लेते हैं। ऐसे में अच्छी कीमत मिल जाती है।”

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top